इंडक्शन कार्यक्रम के तहत राजकीय डिग्री महाविद्यालय सरायगढ़ में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। कुलाधिपति का संदेश सुनाया गया तथा सीबीसीएस, परीक्षा नियम, 75% उपस्थिति और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई।
Qalam Times News Network
सरायगढ़ (सुपौल), 1 जुलाई 2026
इंडक्शन कार्यक्रम: नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था से कराया गया परिचित
बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के अधीन संचालित राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सरायगढ़-भपटियाही में बुधवार को इंडक्शन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। शैक्षणिक सत्र 2026–2030 के प्रथम सेमेस्टर में नामांकित नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के महामहिम कुलाधिपति एवं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन तथा भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विमलेंदु शेखर झा के निर्देशों का पालन करते हुए विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की नई व्यवस्था, विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और महाविद्यालय की शैक्षणिक संस्कृति से अवगत कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) मोहम्मद एहसान ने की।

कार्यक्रम के दौरान महामहिम कुलाधिपति का विद्यार्थियों के नाम विशेष संदेश ऑडियो-विजुअल माध्यम से प्रसारित किया गया। इंडक्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावकों ने भी सहभागिता निभाई। सभी ने राज्यपाल के प्रेरणादायी संबोधन को गंभीरता और एकाग्रता के साथ सुना। इस अवसर पर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के मूल उद्देश्यों, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी दी गई।
सीबीसीएस, परीक्षा प्रक्रिया और उपस्थिति नियमों की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में अंग्रेज़ी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. राजीव रंजन, अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. मुख्तार पासवान तथा कार्यालय प्रभारी नवनीत कुमार ने प्रथम सेमेस्टर के पाठ्यक्रम, क्रेडिट आधारित शिक्षा प्रणाली (सीबीसीएस), परीक्षा नियमावली, मूल्यांकन प्रक्रिया, महाविद्यालय के नियम एवं विनियम, प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा विद्यार्थियों के अधिकार एवं दायित्वों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही नवप्रवेशी विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का विस्तारपूर्वक समाधान भी किया गया, जिससे उन्हें नए शैक्षणिक वातावरण को समझने में सुविधा मिली।
प्राचार्य ने अनुशासन और नियमित उपस्थिति पर दिया विशेष बल
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) मोहम्मद एहसान ने विद्यार्थियों से नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने, समय का सम्मान करने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा अध्ययन के प्रति पूर्ण समर्पण रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यक्तित्व और नैतिक मूल्यों के विकास का महत्वपूर्ण मंच है। महाविद्यालय प्रशासन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय के प्रावधानों के अनुसार परीक्षा प्रपत्र भरने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहना चाहिए तथा समय-समय पर अपने शिक्षकों से शैक्षणिक मार्गदर्शन प्राप्त करते रहना चाहिए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्य ने बिहार के महामहिम कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन तथा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विमलेंदु शेखर झा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं सहयोगी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इंडक्शन कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।







