सुल्तानपुर हमला मामले में दो मुस्लिम युवकों को कथित रूप से ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए मजबूर करते हुए बेरहमी से पीटा गया। वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
Qalam Times News Network
13 जून 2026, सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश)
वायरल वीडियो में दिखाई दी अमानवीय घटना, पीड़ितों को पीटते हुए धार्मिक नारे लगाने का बनाया गया दबाव; पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शुरू की तलाश।
सुल्तानपुर हमला एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। जिले के चांदा थाना क्षेत्र के फरामापुर गांव में दो मुस्लिम युवकों के साथ कथित रूप से मारपीट किए जाने और उनसे जबरन “जय श्री राम” के नारे लगवाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई।
वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि कुछ युवक दो मुस्लिम युवकों को घेरकर उनकी पिटाई कर रहे हैं। सुल्तानपुर हमला मामले के वीडियो में आरोपियों द्वारा अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए धार्मिक नारे लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति यह कहते हुए सुनाई देता है कि “हिंदू देश में रहकर जय श्री राम नहीं बोल सकते क्या?” इसके बाद पीड़ितों को लगातार पीटा जाता है। पीड़ित बार-बार छोड़ देने की गुहार लगाते हैं, लेकिन आरोपियों की मारपीट जारी रहती है।
घटना सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस ने वीडियो की जांच की। जांच में यह पुष्टि हुई कि वीडियो चांदा थाना क्षेत्र के फरामापुर गांव का है। पुलिस को पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद तत्काल मामला दर्ज कर लिया गया।
चांदा थाना प्रभारी के अनुसार मारपीट का शिकार युवक आफताब आलम है, जिसकी उम्र लगभग 17 से 18 वर्ष बताई जा रही है। उसके साथ उसका रिश्तेदार जीशान भी मौजूद था। दोनों को कथित रूप से आरोपियों ने रोककर मारपीट की और धार्मिक नारे लगाने के लिए मजबूर करने की कोशिश की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में सक्शम पांडेय, चंदन, विक्की जायसवाल समेत चार अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वायरल वीडियो के आधार पर दो आरोपियों की पहचान की जा चुकी है, जबकि अन्य की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है।
एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है। इनमें धारा 3(5) (साझा आपराधिक मंशा), धारा 352 (जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करने की मंशा), धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), धारा 351(3) (आपराधिक धमकी) और धारा 126(2) (गलत तरीके से रोकना) शामिल हैं।
हालांकि इस पूरे मामले में अब तक किसी भी प्रकार की हेट क्राइम या हेट स्पीच से जुड़ी धाराएं नहीं लगाई गई हैं। इस पर कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं और मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।







