कटमनी कांड में हावड़ा के उदयनारायणपुर से तृणमूल कांग्रेस नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती गिरफ्तार। आवास योजना के लाभार्थियों से कथित वसूली के आरोप में पुलिस ने साड़ियों के ढेर के नीचे छिपे नेता को पकड़ा।
आवास योजना में कथित वसूली के आरोप के बाद लंबे समय से फरार चल रहे नेता की गिरफ्तारी
Qalam Times News Network
हावड़ा | 8 जून 2025
कटमनी कांड: साड़ियों के ढेर में छिपने के बावजूद नहीं बच सके तृणमूल नेता
कटमनी कांड ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती को पुलिस ने उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह कथित रूप से एक कपड़े के गोदाम में साड़ियों के विशाल ढेर के नीचे छिपे हुए थे। लंबे समय से उनकी तलाश कर रही पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर उन्हें हिरासत में लिया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ब्रह्मानंद चक्रवर्ती पर सरकारी आवास योजना के लाभार्थियों से अवैध रूप से धन वसूलने का आरोप है। कई ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि आवास परियोजना के तहत मिलने वाली सरकारी सहायता राशि से कथित तौर पर “कटमनी” ली गई थी। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से उनकी तलाश की जा रही थी।
पुलिस से बचने की कोशिश नाकाम
कटमनी कांड में नाम सामने आने के बाद आरोपी नेता कथित रूप से पुलिस की नजरों से बचने का प्रयास कर रहे थे। आरोप है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने उदयनारायणपुर के बिलासपुर इलाके में स्थित एक कपड़े की दुकान के गोदाम में शरण ली और वहां साड़ियों के बड़े-बड़े बंडलों के बीच छिप गए।
हालांकि पुलिस को उनके संभावित ठिकाने की जानकारी मिल चुकी थी। तलाशी अभियान के दौरान जब अधिकारियों ने गोदाम में रखे साड़ियों के ढेर की जांच की, तो उसके नीचे से ब्रह्मानंद चक्रवर्ती को बरामद कर लिया गया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी की पूरी कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिस टीम को गोदाम में तलाशी लेते और आरोपी को बाहर निकालते हुए देखा जा सकता है। हालांकि स्वतंत्र रूप से वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकी है।
गिरफ्तारी के बाद रविवार को आरोपी नेता को उलूबेड़िया उपमंडलीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई।
राज्य में हाल ही में हुए चुनावों के परिणाम घोषित होने के बाद विभिन्न मामलों में कई तृणमूल कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। बीते कुछ दिनों में कई स्थानीय नेताओं, पार्षदों और यहां तक कि एक पूर्व विधायक की भी गिरफ्तारी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है।







