English
English

अभिषेक पर हमला: लोकतंत्र...

अभिषेक पर हमला केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, राजनीतिक सहिष्णुता...

SIR पर सुप्रीम कोर्ट...

सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को वैध ठहराते हुए चुनाव आयोग को नागरिकता...

शुभेंदु अधीकारी के नाम...

शुभेंदु अधीकारी के समर्थन में डायमंड हार्बर समेत कई नगरपालिकाओं के तृणमूल पार्षदों...

कुल्लियात-ए-मौलाना आज़ाद का ऐतिहासिक...

कुल्लियात-ए-मौलाना आज़ाद के पहले दो खंडों का कोलकाता में भव्य विमोचन। अल-हुदा रिसर्च...
Your Ad Here (300x250)
HomeBIharगरखा में महागठबंधन की शक्ति का प्रदर्शन — तेजस्वी यादव बोले, “हर...

गरखा में महागठबंधन की शक्ति का प्रदर्शन — तेजस्वी यादव बोले, “हर परिवार को मिलेगी सरकारी नौकरी”, कायदे उर्दू शमीम अहमद ने कहा, “15 नवंबर को बिहार नई तारीख़ लिखेगा”

छपरा के गरखा विधानसभा क्षेत्र में तेजस्वी यादव ने हर परिवार को सरकारी नौकरी देने का वादा किया। प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता, मानवाधिकारों के संरक्षक और कायदे उर्दू शमीम अहमद ने कहा — 15 नवंबर को बिहार तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाकर नई तारीख़ लिखेगा।

Qalam Times News Network
छपरा | 29 अक्टूबर 2025

गरखा विधानसभा क्षेत्र में महागठबंधन की ओर से आयोजित विशाल चुनावी सभा में आरजेडी नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने लोगों को संबोधित किया। जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर तेजस्वी ने कहा कि यह भीड़ बदलाव की दिशा में जनता के संकल्प को दिखा रही है। तेजस्वी यादव ने मंच से प्रशासन को सख़्त चेतावनी दी —चुनाव साफ़-सुथरे और निष्पक्ष होने चाहिए। अगर किसी ने गड़बड़ी की या किसी खास पार्टी के पक्ष में मतदान करवाने की कोशिश की, तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

तेजस्वी यादव का वादा — हर परिवार को सरकारी नौकरी

तेजस्वी यादव ने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि इस बार का मतदान सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, बल्कि भविष्य बचाने का चुनाव है। उन्होंने जनता से कहा —अगर हमारी सरकार बनी तो बिहार के हर उस परिवार को सरकारी नौकरी दी जाएगी जिसमें आज तक कोई सरकारी कर्मचारी नहीं है। सरकार बनने के 20 दिनों के अंदर हम इसका नोटिफिकेशन जारी करेंगे, और 20 महीनों में ऐसा कोई घर नहीं रहेगा जहाँ नौकरी न हो।”

तेजस्वी ने आगे कहा, अब लोग पलायन के खिलाफ़, रोजगार के लिए और संविधान की रक्षा के लिए वोट करें। जो काम इन लोगों ने 20 साल में नहीं किया, वो हम 20 महीने में कर दिखाएँगे।”

कायदे उर्दू शमीम अहमद का प्रेरक संबोधन

इसके बाद मंच पर आए प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता, मानवाधिकारों के संरक्षक और कायदे उर्दू शमीम अहमद, जिन्होंने जोश और आत्मविश्वास से भरा भाषण दिया।उन्होंने कहा — बिहार के हिंदू और मुसलमान दोनों को मिलकर बिहार की तरक़्क़ी के लिए वोट करना चाहिए। अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और रोज़गार के लिए वोट दें। इस बार बिहार में बदलाव की लहर है। मैं पिछले छह महीनों से सीमांचल और उत्तरी बिहार का दौरा कर रहा हूँ और हर जगह जनता में महागठबंधन के प्रति अपार उत्साह देख रहा हूँ।”

शमीम अहमद ने तेजस्वी यादव के रोजगार वादे को दोहराते हुए कहा कि तेजस्वी ने साफ कहा है — अगर हमारी सरकार बनती है तो हर उस परिवार को सरकारी नौकरी दी जाएगी, जिसके घर में कोई सरकारी कर्मचारी नहीं है। सरकार बनने के 20 दिनों के अंदर इस योजना पर अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी की जाएगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि तेजस्वी सरकार बीस महीनों में ऐसा कोई घर नहीं छोड़ेगी जहाँ बेरोजगारी रहे।

सुरेंद्र राम को जिताने की अपील

शमीम अहमद ने महागठबंधन के उम्मीदवार सुरेंद्र राम के समर्थन में जनता से अपील करते हुए कहा —
सुरेंद्र राम जैसे ईमानदार और जनसेवी उम्मीदवार को विधानसभा भेजना बिहार के भविष्य के लिए ज़रूरी है। यह सिर्फ़ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि बिहार के विकास और सामाजिक न्याय की लड़ाई है।”

उन्होंने कहा कि महागठबंधन की जीत ही बिहार में नई सोच और नया रास्ता खोलेगी।

15 नवंबर: बिहार लिखेगा नई तारीख़

सभा के अंत में कायदे उर्दू शमीम अहमद ने जनता से भावनात्मक अपील करते हुए कहा —
“15 नवंबर को बिहार एक नई तारीख़ लिखेगा, जब तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे और बिहार में सामाजिक न्याय, रोज़गार और इंसाफ़ का नया दौर शुरू होगा।”

उन्होंने कहा, अब वक़्त आ गया है कि बिहार का हर नौजवान, हर किसान, और हर मज़दूर इस बदलाव का हिस्सा बने। यह चुनाव सिर्फ़ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की नई शुरुआत है।”

जनता की गूंज और कायदे उर्दू की पहचान

सभा में कई बार “कायदे उर्दू ज़िंदाबाद” और “महागठबंधन अमर रहे” के नारे गूंजे।
लोगों ने शमीम अहमद के समाजसेवी कार्यों और उर्दू भाषा के लिए उनके संघर्ष को सलाम किया।

वे सिर्फ़ एक नेता नहीं बल्कि प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता, मानवाधिकारों के सच्चे प्रहरी और उर्दू ज़ुबान के रखवाले हैं, जिन्होंने हमेशा इंसाफ़, शिक्षा और समानता की आवाज़ बुलंद की है।

गरखा की इस ऐतिहासिक सभा ने साफ़ कर दिया कि महागठबंधन के पक्ष में जनता का रुझान लगातार मज़बूत हो रहा है।तेजस्वी यादव के “हर घर रोज़गार” के वादे और कायदे उर्दू शमीम अहमद की सामाजिक एकता की पुकार ने जनता के दिलों में उम्मीद की नई किरण जगा दी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Your Ad Here (300x250)

Most Popular

Recent Comments