एग्जिट पोल में बंगाल चुनाव को लेकर बड़ा खुलासा—BJP और TMC के बीच कांटे की टक्कर, जानिए पूरा विश्लेषण।
ज्यादातर सर्वे BJP के पक्ष में, लेकिन TMC भी मजबूत—नतीजे को लेकर सस्पेंस बरकरार
क़लम टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता | 29 अप्रैल 2026
एग्जिट पोल ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत है, और शुरुआती अनुमानों में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिलती नजर आ रही है। हालांकि तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस भी कई सर्वे में मजबूत स्थिति में बनी हुई है। इससे साफ है कि मुकाबला बेहद करीबी और दिलचस्प रहने वाला है।
अगर अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों को देखा जाए, तो हर सर्वे एक अलग कहानी बता रहा है। मैट्रिज़ के अनुसार BJP 146 से 161 सीटों तक पहुंच सकती है, जबकि TMC को 125 से 140 सीटें मिल सकती हैं। चाणक्य स्ट्रैटेजी के अनुमान में BJP 150 से 160 सीटों के बीच रह सकती है और TMC 130 से 140 सीटों तक सीमित रह सकती है। वहीं पीपल्स पल्स ने पूरी तस्वीर बदलते हुए TMC को 178 से 189 सीटों के साथ आगे बताया है और BJP को 95 से 110 सीटों तक रखा है।
कुछ सर्वे BJP को काफी मजबूत स्थिति में दिखा रहे हैं। पी-मार्क के अनुसार BJP 150 से 175 सीटों तक जीत सकती है, जबकि प्रजा पोल ने इसे 178 से 208 सीटों तक पहुंचने का अनुमान दिया है। पोल डायरी के सर्वे में भी BJP को 142 से 171 सीटों के बीच दिखाया गया है और TMC को 99 से 127 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
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— Poll Diary (@poll_diary) April 29, 2026
दूसरी तरफ, कुछ एजेंसियां TMC को भी स्पष्ट बढ़त देती दिख रही हैं। जनमत पोल्स के मुताबिक ममता बनर्जी की पार्टी 195 से 205 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रख सकती है, जबकि BJP 80 से 90 सीटों तक सीमित रह सकती है। JVC के सर्वे में दोनों पार्टियों के बीच सीधी टक्कर दिखाई गई है, जहां BJP को 138 से 159 और TMC को 131 से 152 सीटों का अनुमान है।
लगभग सभी सर्वे में एक बात समान है—वाम दल और कांग्रेस इस बार भी काफी कमजोर नजर आ रहे हैं। कई सर्वे में इन्हें शून्य या बहुत कम सीटें दी गई हैं, जो राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा की ओर इशारा करता है।
इस बार का चुनाव सिर्फ नतीजों के कारण नहीं, बल्कि रिकॉर्ड मतदान के लिए भी चर्चा में है। राज्य में 90 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई है। दूसरे और अंतिम चरण में 7 जिलों की 142 सीटों पर मतदान हुआ, जबकि पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोट पड़े थे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये एग्जिट पोल सही साबित होंगे। भारत के चुनावी इतिहास में कई बार ये अनुमान गलत भी साबित हुए हैं, इसलिए अंतिम नतीजे का इंतजार जरूरी है।
फिलहाल सबकी नजर 4 मई पर टिकी है, जब मतगणना होगी और यह साफ हो जाएगा कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी। तब तक एग्जिट पोल ने सियासी माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है।






