बंगाल चुनाव Phase 2 में थमा प्रचार, ममता बनर्जी और नरेंद्र मोदी के बीच तीखी सियासी जंग की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
बंगाल चुनाव : रोड शो से लेकर ‘झालमुड़ी’ तक, दूसरे चरण के चुनाव में दिखी तीखी राजनीतिक जंग
क़लम टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता 27 अप्रैल 2026

बंगाल चुनाव Phase 2 के लिए प्रचार का शोर अब थम चुका है और राज्य की राजनीति में सन्नाटा आने से पहले जबरदस्त सियासी हलचल देखने को मिली। सोमवार शाम 5 बजे जैसे ही प्रचार अभियान खत्म हुआ, वैसे ही दूसरे चरण के चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ होने लगी। पहले चरण में रिकॉर्ड 93.2% मतदान ने इस चरण की अहमियत और भी बढ़ा दी है, जिससे राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
पहले चरण में कूचबिहार (96.2%) और दक्षिण दिनाजपुर (95.4%) जैसे जिलों में भारी मतदान ने साफ संकेत दिया कि जनता इस बार निर्णायक मूड में है। यही वजह रही कि बंगाल चुनाव Phase 2 का प्रचार बेहद आक्रामक, ध्रुवीकृत और प्रतीकों से भरा नजर आया।

मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने प्रचार के आखिरी दिन दक्षिण कोलकाता में बड़ा रोड शो किया। भारी भीड़ के बीच उन्होंने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया और बाजारों में जाकर आम लोगों से सीधा संवाद भी किया। सब्जी विक्रेताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने महंगाई और योजनाओं पर चर्चा की। हालांकि उनके भाषण में तीखे राजनीतिक आरोप भी शामिल रहे। उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए ईवीएम और लोड शेडिंग को लेकर चिंता जताई और भाजपा पर मिलीभगत का आरोप लगाया।
दूसरी ओर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने अभियान में सांस्कृतिक और भावनात्मक मुद्दों को प्रमुखता दी। झाड़ग्राम में उनका ‘झालमुड़ी’ खाना चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “झालमुड़ी खाई, लेकिन तीखा तृणमूल कांग्रेस को लगा।” इसके अलावा उन्होंने हुगली नदी के किनारे समय बिताकर बंगाल की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने की कोशिश की। मतुआ समुदाय को साधने के लिए उन्होंने CAA लागू करने का वादा भी दोहराया।

गृह मंत्री Amit Shah ने भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए समान नागरिक संहिता (UCC), तीन तलाक पर रोक और महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता जैसी घोषणाएं कीं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर कानून व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला।
वहीं कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने दोनों प्रमुख दलों को निशाने पर लिया। उन्होंने शारदा और रोज वैली घोटालों का जिक्र करते हुए सवाल उठाए और कहा कि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच अंदरूनी समझ है।
अब जब बंगाल चुनाव Phase 2 का प्रचार थम चुका है, तो सभी की नजरें मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हैं। यह चरण तय करेगा कि राज्य की सियासत किस दिशा में आगे बढ़ेगी।






