अल्पसंख्यक मामलों का विभाग खुदीराम टुडू को सौंपा गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा किया। उर्दू अकादमी, आलिया यूनिवर्सिटी और मदरसा शिक्षा विभाग में बड़े बदलाव के संकेत।
सुवेंदु अधिकारी सरकार में विभागों का बंटवारा, उर्दू अकादमी और आलिया यूनिवर्सिटी पर रहेगी खास नजर
कोलकाता | 11 मई 2026 | Qalam Times News Network
अल्पसंख्यक मामलों का विभाग पश्चिम बंगाल की नई सरकार में भाजपा नेता खुदीराम टुडू को सौंपा गया है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने सोमवार को अपनी नवगठित मंत्रिपरिषद के पांच मंत्रियों के बीच विभागों का आधिकारिक बंटवारा कर दिया। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार के प्रशासनिक कामकाज को औपचारिक रूप से गति मिल गई है।

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में 9 मई को प्रधानमंत्री Narendra Modi की मौजूदगी में शपथ लेने वाले मंत्रियों को अब उनके विभाग सौंप दिए गए हैं। इस सूची में सबसे अधिक चर्चा अल्पसंख्यक मामलों का विभाग मिलने को लेकर हो रही है, क्योंकि इसी विभाग के अधीन पश्चिम बंगाल उर्दू अकादमी, आलिया यूनिवर्सिटी, मदरसा शिक्षा परिषद और कई अन्य अल्पसंख्यक संस्थान संचालित होते हैं। नई सरकार अब इन संस्थाओं की कार्यप्रणाली और संरचना में बड़े स्तर पर बदलाव तथा पुनर्गठन की तैयारी में है। राज्य का मुस्लिम समाज अब नई सरकार की नीतियों पर करीबी नजर बनाए हुए है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अल्पसंख्यक मामलों के विभाग में बदलाव का सीधा असर मुस्लिम शैक्षणिक संस्थानों, मदरसों और उर्दू भाषा से जुड़े सांस्कृतिक संगठनों पर पड़ सकता है। आलिया यूनिवर्सिटी और उर्दू अकादमी जैसे संस्थानों की प्रशासनिक संरचना में भी सुधार या पुनर्गठन संभव माना जा रहा है।
कौन हैं खुदीराम टुडू?
नई सरकार में मंत्री बने Kshudiram Tudu जंगलमहल क्षेत्र के आदिवासी नेता माने जाते हैं। वह बांकुड़ा जिले के रानीबांध विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए हैं। पेशे से शिक्षक रहे खुदीराम टुडू लंबे समय से आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में भाजपा संगठन को मजबूत करने में सक्रिय रहे हैं। वह संथाल समुदाय से आते हैं और पार्टी के आदिवासी चेहरे के रूप में उनकी पहचान है।

खुदीराम टुडू को जनजातीय विकास, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक मामले एवं मदरसा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अल्पसंख्यक मामलों के विभाग में नई सरकार कई नीतिगत बदलाव कर सकती है, जिसका असर उर्दू अकादमी, आलिया यूनिवर्सिटी और मदरसा शिक्षा व्यवस्था पर भी दिखाई देगा।
दिलीप घोष को पंचायत और कृषि विपणन
वरिष्ठ भाजपा नेता Dilip Ghosh को पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशु संसाधन विकास और कृषि विपणन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले दिलीप घोष को ग्रामीण प्रशासन और पंचायत व्यवस्था मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अग्निमित्रा पॉल संभालेंगी महिला एवं नगर विकास
Agnimitra Paul को महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के साथ नगरपालिका और शहरी विकास विभाग भी दिया गया है। भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रही अग्निमित्रा पॉल को सरकार में महिला नेतृत्व का प्रमुख चेहरा माना जा रहा है।
निशीथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल और खेल विभाग
पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Nisith Pramanik को उत्तर बंगाल विकास विभाग के साथ युवा सेवा एवं खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है। उत्तर बंगाल में भाजपा के प्रभाव को मजबूत करने में निशीथ प्रमाणिक की बड़ी भूमिका रही है।
खाद्य एवं सहकारिता विभाग अशोक कीर्तनिया को
Ashok Kirtania को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा सहकारिता मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है। माना जा रहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और राशन व्यवस्था में सुधार सरकार की प्राथमिकता होगी।
मुख्यमंत्री ने दिया ‘डबल इंजन’ सरकार का संदेश
सोमवार दोपहर नवान्न में हुई पहली कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार “सुशासन और सुरक्षा” के सिद्धांत पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित अन्य राज्यों की तरह पश्चिम बंगाल भी अब “डबल इंजन सरकार” की दिशा में आगे बढ़ेगा।






