मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच मंत्रियों ने ली शपथ, पश्चिम बंगाल की पहली BJP सरकार में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर जोर
क़लम टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता | 09 May 2026
पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।
मुख्यमंत्री के साथ पांच अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। भाजपा ने अपनी पहली बंगाल सरकार की कैबिनेट में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। मंत्रिमंडल में उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल दोनों क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व दिया गया है, वहीं आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदायों के नेताओं को भी जगह मिली है।
हालांकि अभी तक विभागों का बंटवारा घोषित नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट में शामिल पांच मंत्री
दिलीप घोष
भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने शुभेंदु अधिकारी के बाद मंत्री पद की शपथ ली। वह खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर आए हैं। 2016 में पहली बार विधायक बने दिलीप घोष ने 2019 लोकसभा चुनाव में मेदिनीपुर सीट से जीत हासिल कर संसद में प्रवेश किया था। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में बर्धमान-दुर्गापुर सीट से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद पार्टी ने राज्य की नई सरकार में उन्हें अहम जिम्मेदारी दी है।
अग्निमित्रा पाल
फैशन डिजाइनर से राजनेता बनी अग्निमित्रा पाल ने 2019 के बाद भाजपा का दामन थामा था। जल्द ही उन्हें भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। 2021 में उन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट से जीत हासिल की थी और 2026 में भी उसी सीट से दोबारा विधायक चुनी गईं। अब उन्हें मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट में जगह मिली है।
अशोक कीर्तनिया
मतुआ समुदाय से आने वाले अशोक कीर्तनिया ने लगातार दूसरी बार बनगांव उत्तर सीट से जीत दर्ज की है। भाजपा ने मतुआ वोट बैंक को मजबूत बनाए रखने के लिए उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया है। पार्टी नेतृत्व ने उन पर दोबारा भरोसा जताया और उन्होंने चुनाव में जीत के साथ उस भरोसे को कायम रखा।
पेशे से शिक्षक रहे क्षुदिराम टुडू आदिवासी समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। उन्होंने बांकुड़ा जिले की रानीबांध सीट से जीत दर्ज की है। इससे पहले भी वह इस सीट से चुनाव लड़ चुके थे। भाजपा ने आदिवासी समुदाय को प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया है।
निशीथ प्रमाणिक
निशीथ प्रमाणिक 2019 में कूचबिहार लोकसभा सीट से सांसद बने थे और बाद में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी ने उन्हें माथाभांगा विधानसभा सीट से मैदान में उतारा। राजबंशी समुदाय में उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए भाजपा ने उन्हें कैबिनेट में शामिल किया है।
भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद बनी सरकार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को हुए थे जबकि परिणाम 4 मई को घोषित किए गए।
चुनाव परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर लंबे समय तक चर्चा चलती रही। भाजपा नेतृत्व पहले ही संकेत दे चुका था कि बंगाल में पार्टी की सरकार बनने पर किसी बंगाली और बंगाली माध्यम से पढ़े नेता को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।
राजनीतिक हलकों में लंबे समय से यह चर्चा थी कि भाजपा की जीत की स्थिति में शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे रहेंगे। आखिरकार शुक्रवार को विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधायक दल की बैठक के बाद घोषणा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए सभी प्रस्तावों में सिर्फ शुभेंदु अधिकारी का ही नाम सामने आया और किसी दूसरे नाम का प्रस्ताव नहीं रखा गया।
नई सरकार से बढ़ी राजनीतिक हलचल
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी पश्चिम बंगाल की पहली भाजपा सरकार को लेकर राज्य की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विभागों का बंटवारा किस तरह किया जाएगा और नई सरकार किन मुद्दों को प्राथमिकता देती है।






