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बालीगंज में बदलती सियासत: वोटरों का रुझान और चुनावी गणित पर खास रिपोर्ट

बालीगंज विधानसभा सीट पर एआईटीसी का दबदबा, वोटर आंकड़े, चुनावी इतिहास और राजनीतिक समीकरण की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

कोलकाता दक्षिण संसदीय सीट के अहम विधानसभा क्षेत्र बालीगंज में एआईटीसी की लगातार बढ़त, लेकिन विपक्ष भी बना रहा है दबाव

बालीगंज

क़लम टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता 28 अप्रैल 2026
बालीगंज विधानसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है, जहां पिछले कई चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (AITC) का दबदबा साफ दिखाई देता है। यह सीट कोलकाता नगर निगम के अंतर्गत आती है और कोलकाता दक्षिण संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। 2019 के लोकसभा चुनाव के आंकड़ों के अनुसार यहां कुल 2,40,645 मतदाता थे और 291 मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतदान प्रतिशत भी उल्लेखनीय रहा, जहां 2019 में 66.95% और 2016 विधानसभा चुनाव में 63.86% मतदान दर्ज किया गया।
अगर सामाजिक समीकरण की बात करें तो बालीगंज में मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है, जो लगभग 50.8% यानी 1,22,247 वोटरों के आसपास है। इसके अलावा ‘दास’ समुदाय के मतदाता करीब 3.8% हैं, जबकि अन्य जातीय समूहों के आंकड़े स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं हैं। यह क्षेत्र पूरी तरह शहरी प्रभाव वाला माना जाता है, जिससे यहां के मुद्दे भी शहरी विकास, रोजगार और नागरिक सुविधाओं से जुड़े रहते हैं।

बालीगंज
राजनीतिक दृष्टि से देखें तो बालीगंज सीट पर एआईटीसी का वर्चस्व लगातार कायम है। पिछले 7 बड़े चुनावों में पार्टी ने हर बार बढ़त बनाई है। 2021 विधानसभा चुनाव में एआईटीसी को 70.61% वोट मिले, जबकि बीजेपी को 20.69% और सीपीएम को 5.62% वोट हासिल हुए। वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में भी एआईटीसी ने 60.4% वोट शेयर के साथ अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी, जबकि बीजेपी 25.04% पर रही।
इस सीट से लंबे समय तक प्रतिनिधित्व करने वाले नेता सुभ्रत मुखर्जी के बाद 2021 में शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने जीत दर्ज की। बूथ स्तर पर भी एआईटीसी की पकड़ मजबूत नजर आती है, जहां कई बूथों पर पार्टी को 90% से अधिक वोट शेयर तक मिला।
हालांकि, विपक्ष भी पूरी तरह निष्क्रिय नहीं है। बीजेपी और अन्य दल धीरे-धीरे अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं। खासकर शहरी मुद्दों और युवा मतदाताओं को साधने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
आने वाले चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बालीगंज में एआईटीसी अपनी जीत की लय को बरकरार रख पाती है या विपक्ष कोई बड़ा उलटफेर करने में सफल होता है।

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