स्पीकर पद पर रथींद्रनाथ बसु को पश्चिम बंगाल विधानसभा में निर्विरोध निर्वाचित किया गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा कार्यवाही के लाइव प्रसारण का भी ऐलान किया। उत्तर बंगाल से पहली बार किसी नेता को स्पीकर बनाए जाने को बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
Qalam Times News Network
कोलकाता |15 मई 2026
स्पीकर पद के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के उम्मीदवार रथींद्रनाथ बसु को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। विपक्ष की ओर से कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारे जाने के कारण ध्वनिमत के जरिए उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की गई। विधानसभा के इतिहास में यह पहला मौका माना जा रहा है जब उत्तर बंगाल से किसी विधायक को स्पीकर जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री ने रखा प्रस्ताव, ध्वनिमत से हुआ चुनाव
विधानसभा में रथींद्रनाथ बसु के नाम का प्रस्ताव स्वयं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पेश किया। इस प्रस्ताव का समर्थन मंत्री अग्निमित्रा पाल समेत सत्तापक्ष के कई विधायकों ने किया। चूंकि विपक्ष की ओर से किसी प्रकार की चुनौती नहीं दी गई, इसलिए प्रोटेम स्पीकर तापस राय ने ध्वनिमत के आधार पर रथींद्रनाथ बसु को विधानसभा का नया स्पीकर घोषित कर दिया।
इसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से स्पीकर की कुर्सी तक ले जाया गया और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विपक्ष का धन्यवाद करते हुए इसे लोकतांत्रिक परंपरा और राजनीतिक सौजन्य का उदाहरण बताया।
उत्तर बंगाल को मिला बड़ा प्रतिनिधित्व
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को उत्तर बंगाल के लिए बड़ी राजनीतिक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से उत्तर बंगाल की उपेक्षा का मुद्दा उठता रहा है और विपक्षी दल लगातार इसे राजनीतिक बहस का विषय बनाते रहे हैं। ऐसे में अब स्पीकर पद पर उत्तर बंगाल के नेता की नियुक्ति को सत्ता पक्ष की रणनीतिक और प्रतीकात्मक पहल माना जा रहा है।
रथींद्रनाथ बसु को शांत स्वभाव, उच्च शिक्षित और संतुलित छवि वाले नेता के रूप में देखा जाता है। चुनाव प्रचार से लेकर जीत के बाद तक उन्होंने आक्रामक राजनीति से दूरी बनाए रखी। राजनीतिक विरोध के बीच भी उन्होंने कई मौकों पर संयमित और तर्कपूर्ण रुख अपनाया, जिसके कारण सदन के भीतर और बाहर उनकी स्वीकार्यता बनी रही।
कोचबिहार समेत उत्तर बंगाल के कई इलाकों में उनके स्पीकर बनने को गर्व और सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
विधानसभा की कार्यवाही होगी लाइव
इस मौके पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाएगा, ताकि आम जनता अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के कामकाज को सीधे देख सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट सत्र समेत महत्वपूर्ण अधिवेशनों का लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। उनके मुताबिक इससे जनता को यह जानने का अवसर मिलेगा कि सदन में सरकार और विपक्ष किस तरह अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतांत्रिक संवाद का मंच है, न कि टकराव या हिंसा की जगह। सरकार चाहती है कि सदन की कार्यवाही अनावश्यक व्यवधानों से प्रभावित न हो और जनता के सामने पारदर्शिता बनी रहे।
राजनीतिक शालीनता का संदेश
सदन में बिना टकराव के स्पीकर का चुनाव संपन्न होना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा समय में जब कई राज्यों में विधानसभा के भीतर तीखे विवाद और हंगामे देखने को मिलते हैं, ऐसे में पश्चिम बंगाल विधानसभा में सर्वसम्मति से स्पीकर का चयन लोकतांत्रिक परिपक्वता का संकेत माना जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार नहीं चाहती कि किसी विपक्षी नेता को बिना कारण लंबे समय तक सदन से बाहर रखा जाए या किसी विधायक को घायल अवस्था में विधानसभा छोड़नी पड़े। उन्होंने सभी दलों से स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा बनाए रखने की अपील की।







