बंगाल हिंसा के बीच पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं की मौत, कई जिलों में तोड़फोड़, आगजनी और राजनीतिक तनाव बढ़ा।
Qalam Times News Network
कोलकाता | 6 मई 2026
पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद एक बार फिर बंगाल हिंसा ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। राज्य के अलग-अलग जिलों में हुई झड़पों और हमलों में भाजपा के दो तथा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई। इसके साथ ही कई इलाकों में तोड़फोड़, आगजनी और सड़क जाम की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
न्यू टाउन में भाजपा कार्यकर्ता की मौत के बाद बवाल
कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि विजय जुलूस के दौरान टीएमसी समर्थकों के साथ कहासुनी होने के बाद उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और भाजपा समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई स्थानों पर टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों और दफ्तरों में तोड़फोड़ की खबर सामने आई। हालात को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात करना पड़ा। लगातार बढ़ रही हिंसा को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
बीरभूम में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या
बीरभूम जिले के नानूर क्षेत्र में टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की हत्या ने राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया। पुलिस के अनुसार संतोषपुर गांव में हुए विवाद के दौरान उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति भी घायल बताया जा रहा है।
नानूर से निर्वाचित टीएमसी विधायक विधान माझी ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हत्या का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा नेता श्यामापद मंडल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हावड़ा में भाजपा समर्थक की संदिग्ध मौत
हावड़ा जिले के उदय नारायणपुर इलाके में यादव बर नामक भाजपा समर्थक की मौत भी राजनीतिक विवाद का कारण बन गई है। मृतक की पत्नी का आरोप है कि ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाने और गुलाल खेलने को लेकर कुछ लोगों ने उन पर हमला किया था, जिसके बाद उनकी जान चली गई।
कई जिलों में हिंसा और तोड़फोड़
राज्य के कई हिस्सों से हिंसा, आगजनी और राजनीतिक दफ्तरों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। टॉलीगंज के बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास के चुनाव कार्यालय में उपद्रवियों ने हमला किया। वहीं कस्बा स्थित रूबी क्रासिंग में टीएमसी पार्षद के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई।
इसके अलावा हावड़ा, उत्तर 24 परगना और मुर्शिदाबाद समेत कई जिलों में राजनीतिक कार्यालयों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से सभी घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
भाजपा और टीएमसी आमने-सामने
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सुनियोजित तरीके से राज्य का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि टीएमसी अपने अंदरूनी विवादों को छिपाने के लिए विपक्ष पर आरोप लगा रही है।
निर्वाचन आयोग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिया है।






