मोफक्कारुल गिरफ्तारी पर ममता बनर्जी का बड़ा बयान, CID की कार्रवाई से गरमाई बंगाल की राजनीति, विपक्ष पर गंभीर आरोप।
मालदा मोफक्कारुल गिरफ्तारी की घटना से गरमाई राजनीति, विपक्ष पर ममता का सीधा हमला
क़लम टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
मालदा / दक्षिण दिनाजपुर, 3 अप्रैल 2026

मोफक्कारुल गिरफ्तारी को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने दावा किया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के आने से पहले ही राज्य की CID ने मुख्य आरोपी को पकड़ लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस पूरी घटना में उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस का कोई संबंध नहीं है और उनकी सरकार शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

मालदा के मोथाबाड़ी में SIR टीम को घेरकर प्रदर्शन और न्यायिक अधिकारियों को रोकने की घटना के बाद राज्य का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने हरिरामपुर की जनसभा में कहा कि मोफक्कारुल गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि राज्य की एजेंसियां सक्रिय हैं। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी बाहरी राज्यों से लोगों को लाकर अशांति फैलाने की कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और ISF पर भी उकसावे की राजनीति करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, आरोपी बागडोगरा के रास्ते भागने की कोशिश कर रहा था और वह मुंबई से आया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस तरह की रणनीति पहले भी बिहार चुनाव में अपनाई गई थी, जिससे बीजेपी को लाभ मिला था। ममता बनर्जी ने कहा कि यह पूरी घटना सुनियोजित तरीके से दंगा भड़काने के उद्देश्य से की गई थी।
बुधवार को सुजापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 12 को जाम किया गया और मोथाबाड़ी में भी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान SIR के काम में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को कथित रूप से रोक लिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया, जिसकी गूंज कोलकाता से लेकर दिल्ली तक सुनाई दी।
इस मामले में पुलिस ने अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ISF के उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली भी शामिल हैं। गुरुवार को अदालत ने सभी आरोपियों को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने भी गंभीर नाराजगी जताई है और राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और जिला अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।






