नीतीश इस्तीफा अपडेट के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस, सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय समेत कई नाम चर्चा में।
नीतीश के राज्यसभा जाने की तैयारी के बीच बिहार की राजनीति में हलचल तेज, नए मुख्यमंत्री को लेकर कई नाम चर्चा में
पटना, 30 मार्च
कलम टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
नीतीश इस्तीफा अपडेट के बाद बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद यह सवाल तेज हो गया है कि वह कब तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे और राज्य की कमान किसे सौंपी जाएगी।
दरअसल, नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा चुनाव जीता था और संवैधानिक नियमों के अनुसार उन्हें एक पद छोड़ना अनिवार्य था। इसी वजह से उन्होंने विधान परिषद से इस्तीफा दिया। नीतीश इस्तीफा अपडेट के इस घटनाक्रम ने यह संकेत भी दे दिया है कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री पद से भी हट सकते हैं और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
सोमवार को उनके करीबी नेता संजय गांधी ने उनका इस्तीफा विधान परिषद के सभापति को सौंपा। माना जा रहा है कि अप्रैल की शुरुआत में नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। संविधान के अनुच्छेद 164(4) के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति बिना विधायक या विधान परिषद सदस्य बने अधिकतम छह महीने तक ही मुख्यमंत्री रह सकता है। ऐसे में नीतीश कुमार चाहें तो कुछ समय तक पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन उन्होंने पहले ही पद छोड़ने के संकेत दे दिए हैं।
करीब दो दशकों से बिहार की राजनीति पर छाए नीतीश कुमार ने 2005 से अब तक कई बार मुख्यमंत्री पद संभाला है। उनके इस फैसले को एक बड़े राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अब सवाल यह है कि उनके बाद राज्य की कमान किसके हाथ में जाएगी।
एनडीए के भीतर नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। वह संगठन और सामाजिक समीकरण दोनों के लिहाज से मजबूत दावेदार माने जाते हैं। हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने भी उनके प्रति समर्थन का संकेत दिया था।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी सामने आ रहा है। उनके जरिए बीजेपी यादव वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति बना सकती है। वहीं दिलीप जायसवाल और संजीव चौरसिया जैसे नेताओं के नाम भी संभावित विकल्पों में शामिल हैं।

दूसरी ओर, जदयू के कुछ नेताओं ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को भी आगे बढ़ाने की कोशिश की है, लेकिन अंतिम निर्णय एनडीए और खासकर बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व पर निर्भर माना जा रहा है।

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यह बदलाव बिहार में एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है, जहां पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बन सकता है। हालांकि अंतिम फैसला आने वाले दिनों में ही स्पष्ट होगा।






