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बंगाल चुनाव कार्रवाई: आचार संहिता लगते ही मुख्य सचिव और गृह सचिव हटाए गए

बंगाल चुनाव कार्रवाई के तहत चुनाव आयोग ने आचार संहिता लागू होते ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाया, नए अधिकारियों की तुरंत नियुक्ति।

क़लम टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता | 16 मार्च 2026

बंगाल चुनाव कार्रवाई के तहत निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला

बंगाल चुनाव

बंगाल चुनाव कार्रवाई के तहत विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। शनिवार शाम आदर्श आचार संहिता लागू होने के कुछ ही घंटों के भीतर आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव को उनके पदों से हटा दिया। देर रात जारी आदेश में आयोग ने स्पष्ट किया कि यह फैसला चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

नए अधिकारियों की तुरंत नियुक्ति

निर्वाचन आयोग ने बंगाल चुनाव कार्रवाई के क्रम में मुख्य सचिव पद से नंदिनी चक्रवर्ती को हटाकर उनकी जगह 1993 बैच के आईएएस अधिकारी दुष्यंत नरियाला को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। वहीं 1997 बैच की आईएएस अधिकारी संघमित्रा घोष को गृह एवं पर्वतीय मामले विभाग का नया प्रधान सचिव बनाया गया है।

आयोग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारी तुरंत प्रभाव से अपना पदभार ग्रहण करें। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि नियुक्ति के अनुपालन की रिपोर्ट सोमवार दोपहर तीन बजे तक आयोग को भेजी जाए।

चुनाव से जुड़े पदों पर नहीं होगी तैनाती

निर्वाचन आयोग ने अपने निर्देश में यह भी स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों को हटाया गया है या जिनका तबादला किया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव से संबंधित पद पर तैनात नहीं किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह निष्पक्ष बनाए रखना है ताकि चुनावी प्रक्रिया पर किसी प्रकार का राजनीतिक प्रभाव न पड़े।

अभूतपूर्व माना जा रहा आयोग का निर्णय

चुनाव की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर राज्य के दो शीर्ष अधिकारियों को हटाने का फैसला असामान्य माना जा रहा है। आमतौर पर चुनाव आयोग चुनाव के दौरान प्रशासनिक ढांचे में बदलाव करता है, लेकिन इतनी त्वरित कार्रवाई कम ही देखने को मिलती है।

गौरतलब है कि शनिवार शाम पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की गई थी। इसके साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई, जिसके तुरंत बाद आयोग ने यह बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया।

ढाई महीने पहले बनी थीं पहली महिला मुख्य सचिव

पद से हटाई गईं 1994 बैच की आईएएस अधिकारी नंदिनी चक्रवर्ती लगभग ढाई महीने पहले ही पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्य सचिव बनी थीं। 31 दिसंबर 2025 को डॉ. मनोज पंत के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

नंदिनी चक्रवर्ती इससे पहले राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों में काम कर चुकी हैं। दिसंबर 2023 में उन्हें राज्य का गृह सचिव नियुक्त किया गया था। उससे पहले वे पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव भी रह चुकी हैं।

हालांकि, कुछ वर्ष पहले राजभवन में राज्यपाल के प्रधान सचिव के रूप में कार्य करते समय उनसे जुड़ा एक विवाद भी सामने आया था, जिसके बाद उन्हें वहां से हटाकर पर्यटन विभाग में भेज दिया गया था।

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