English Qalam Times
English Qalam Times

बिहार में सत्ता परिवर्तन:...

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी बनेंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री।...

एकता के साथ श्रद्धांजलि:...

एकता के संदेश के साथ आंबेडकर जयंती पर देशभर के नेताओं का रिशड़ा...

समानता का संदेश: आंबेडकर...

समानता पर आधारित इस विशेष रिपोर्ट में जानिए आंबेडकर जयंती पर शमीम अहमद...

पर्णश्री विवाद: टीएमसी प्रत्याशी...

पर्णश्री विवाद में टीएमसी प्रत्याशी रत्ना चट्टोपाध्याय को पुलिस नोटिस, बीजेपी कार्यालय में...
Homeराजनीतिपरिसीमन विवाद: लोकसभा सीटें 850 करने के प्रस्ताव पर ममता का विरोध

परिसीमन विवाद: लोकसभा सीटें 850 करने के प्रस्ताव पर ममता का विरोध

परिसीमन विवाद बढ़ा, लोकसभा सीटें 850 करने के प्रस्ताव पर ममता बनर्जी का विरोध, संसद के विशेष सत्र में बड़ा राजनीतिक टकराव।

कोलकाता | तारीख: 15 अप्रैल 2026

परिसीमन : विशेष सत्र से पहले गरमाई राजनीति

परिसीमन को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें केंद्र सरकार 131वां संविधान संशोधन विधेयक पेश करने जा रही है। इस विधेयक के जरिए 2029 के लोकसभा चुनाव से महिला आरक्षण कानून लागू करने की योजना है। इसके साथ ही Narendra Modi सरकार दो और अहम विधेयक—डिलिमिटेशन बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026—भी पेश करेगी।

परिसीमन

प्रस्ताव के अनुसार, लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने की योजना है। इसमें 815 सीटें राज्यों से और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों से होंगी। साथ ही, कुल 33 प्रतिशत यानी 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।

परिसीमन

परिसीमन को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम देश को विभाजित करने की साजिश है। ममता बनर्जी ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रक्रिया के बाद एनआरसी जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब महिला आरक्षण 2029 से लागू होना है, तो इसे पांच राज्यों के चुनावी माहौल के बीच अभी क्यों लाया जा रहा है।

परिसीमन

अब तक यह तय था कि महिला आरक्षण और सीटों का पुनर्निर्धारण 2026 के बाद होने वाली जनगणना के आधार पर किया जाएगा। लेकिन सरकार 2011 की जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन लागू करने की तैयारी में है। इसी उद्देश्य से डिलिमिटेशन संशोधन विधेयक लाया जा रहा है।

विपक्षी दलों का कहना है कि यह जल्दबाजी राजनीतिक फायदे के लिए की जा रही है और इससे चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन हो सकता है।

परिसीमन

संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने के बाद विपक्षी दल भी सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस ने इस कदम को चुनावी माहौल में अनुचित बताया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेता Derek O’Brien ने दावा किया है कि गैर-बीजेपी दल मिलकर इस बिल का विरोध करेंगे।

हालांकि विपक्ष यह भी स्पष्ट कर चुका है कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि जिस तरीके से परिसीमन लागू किया जा रहा है, उस पर उन्हें आपत्ति है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments