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बारुईपुर हिंसा: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, मृतक के परिजनों को ₹25 लाख और नौकरी की घोषणा

बारुईपुर हिंसा मामले में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। मॉब लिंचिंग में मृत युवक के परिवार को ₹25 लाख की सहायता, नौकरी और सरकारी योजनाओं का लाभ देने की घोषणा की गई, जबकि दुष्कर्म पीड़िता के परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया गया।

सूर्यपुर में नए पुलिस चौकी का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने दुष्कर्म पीड़िता और मॉब लिंचिंग में मारे गए युवक के परिवारों को न्याय का भरोसा दिलाया, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दोहराया संकल्प।

Qalam Times News Network
बारुईपुर (दक्षिण 24 परगना), 11 जुलाई 2026

बारुईपुर हिंसा के पीड़ित परिवारों के साथ सरकार, न्याय दिलाने का भरोसा

बारुईपुर

बारुईपुर हिंसा के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर स्थित सूर्यपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हाल ही में सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या की शिकार नाबालिग बच्ची के परिवार से मुलाकात की और मॉब लिंचिंग में जान गंवाने वाले युवक इंद्रजीत मंडल के परिजनों से भी बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने इंद्रजीत मंडल के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। साथ ही मृतक के बड़े भाई को सूर्यपुर पुलिस चौकी में सिविक वॉलंटियर के रूप में नियुक्ति देने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेगी और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।

नई पुलिस चौकी का उद्घाटन, जांच में सहयोग की सराहना

बारुईपुर

बारुईपुर हिंसा के बीच मुख्यमंत्री ने सूर्यपुर में नवगठित पुलिस चौकी का भी उद्घाटन किया। बताया गया कि पीड़ित बच्ची के परिवार ने कुछ दिन पहले क्षेत्र में स्थायी पुलिस चौकी की मांग की थी, जिसके बाद महज चार दिनों के भीतर यह सुविधा शुरू कर दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नाबालिग के साथ हुई बर्बर घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। उन्होंने पीड़ित परिवार की जांच में सहयोग के लिए सराहना करते हुए कहा कि परिवार शुरू से ही पुलिस के साथ खड़ा रहा है। जिन चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी, उन्हें पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। कुछ आरोपी राज्य की सीमा छोड़कर बांग्लादेश सीमा की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने बारुईपुर जिला पुलिस की कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा कि मामले के अन्य पहलुओं की जांच अपराध अन्वेषण विभाग (CID) कर रहा है, इसलिए जांच पूरी होने तक सरकार कोई टिप्पणी नहीं करेगी।

पीड़िता के परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन

मुख्यमंत्री ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि आरोपियों के खिलाफ त्वरित न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी और पूरे मामले की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से की जाएगी ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने परिवार की आवश्यकताओं का ध्यान रखा है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता दी गई है या नहीं। उनका कहना था कि यदि परिवार चाहेगा तो स्वयं इस बारे में जानकारी सार्वजनिक करेगा।

मॉब लिंचिंग के पीड़ित परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहयोग

मुख्यमंत्री इसके बाद मॉब लिंचिंग में मारे गए युवक इंद्रजीत मंडल के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि युवक की पहचान के आधार पर निर्ममता से हत्या की गई और उसे हाथ-पैर बांधकर पीटा गया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस हिंसा के पीछे कुछ राजनीतिक तत्वों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो में जिन लोगों की पहचान हुई है, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। कई आरोपी बकखाली और दीघा जैसे दूरदराज क्षेत्रों से भी पकड़े गए हैं।
सरकार ने मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता देने के साथ-साथ बड़े भाई को नौकरी दी है। इसके अतिरिक्त परिवार के घर की मरम्मत कराई गई है, पिता के लिए वृद्धावस्था पेंशन और माता के लिए अन्नपूर्णा योजना के तहत सहायता भी शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी की जान वापस नहीं लाई जा सकती, लेकिन सरकार परिवार की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी और दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम सजा दिलाई जाएगी।

विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर भी बोले मुख्यमंत्री

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह नाबालिग बच्ची का शव एक तालाब से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, रेल मार्ग अवरुद्ध किया और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं भी सामने आईं।
इन घटनाओं को लेकर पुलिस अलग-अलग मामलों की जांच कर रही है तथा कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। पीड़िता के परिवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान शिकायत की कि कुछ निर्दोष लोगों को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और हिंसा फैलाई, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। लेकिन उन्होंने पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डर केवल अपराधियों, हत्यारों और बलात्कार के आरोपियों को होना चाहिए, जबकि आम नागरिकों को भयभीत होने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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