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बाघ का हमला: बेतिया में बुजुर्ग को घसीटकर जंगल में ले गया, तीन घंटे बाद मिला शव

बेतिया जिले में बाघ का हमला, 61 वर्षीय किशुन महतो की मौत। जंगल से तीन घंटे बाद शव बरामद, ग्रामीण दहशत में। वन विभाग और पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

Qalam Times News Network | अरुण कुमार द्विवेदी |Bettiah, Bihar

बाघ का हमला और मौत

बाघ का हमला बेतिया जिले के मंगुराहा वन परिक्षेत्र में हुआ, जो वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से सटा है। कैरी खेखरिया टोला गांव के 61 वर्षीय किशुन महतो की बुधवार देर शाम हुई इस घटना में मौत हो गई। घटना ने आसपास के गांवों में डर और हड़कंप मचा दिया।

हमला कैसे हुआ

बाघ का हमला

परिवार और ग्रामीणों के अनुसार, किशुन महतो दोपहर को भैंसें चराने पंडयी नदी किनारे गए थे। शाम लगभग पांच बजे, झाड़ियों में छिपा बाघ अचानक उन पर टूट पड़ा और उन्हें घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। अन्य चरवाहों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने तुरंत गांव जाकर घटना की सूचना दी।

शव बरामद, पुलिस और वन विभाग की कार्रवाई

सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम और सहोदरा थाना पुलिस मौके पर पहुँची। तीन घंटे की तलाश के बाद रात आठ बजे किशुन महतो का शव जंगल से बरामद किया गया और पोस्टमार्टम के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया।

सहोदरा थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि शव बरामद कर लिया गया है और परिजनों की शिकायत पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वन संरक्षण सह-निदेशक डॉ. नेशामनी ने कहा कि गांव के मुखिया की सूचना मिलने पर विभागीय अधिकारी और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुँचे।

ग्रामीणों में दहशत

कैरी, खेखरिया, महायोगीन, बलबल, सोफा और विशुनपुरवा गांवों में घटना के बाद डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ फिर से शिकार की तलाश में गांवों का रुख कर सकता है। इस डर से लोग रातभर चौकसी में लगे हुए हैं और लाठी-डंडों से सुरक्षा कर रहे हैं।

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