नासिक में पत्रकार रविंद्र गणपत की गिरफ्तारी, 121 अश्लील वीडियो बरामद, महिलाओं के शोषण और गुप्त वीडियो कांड की जांच तेज।
121 अश्लील वीडियो बरामद, पुलिस जांच में सामने आया चौंकाने वाला गुप्त वीडियो कांड
QalamTimes NewsNetwork
नासिक, 17 अप्रैल 2026
शुरुआत में एरांडे ने सतपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी कि चार लोगों ने उनके कार्यालय से एक टैबलेट चोरी कर लिया है और निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे 12 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।लेकिन जांच के दौरान मामला पूरी तरह पलट गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, दो पेन ड्राइव और एक मेमोरी कार्ड जब्त किए। इन डिजिटल उपकरणों की जांच में 121 अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो मिले, जिसने इस गुप्त वीडियो कांड को एक गंभीर अपराध में बदल दिया।
जांच में सामने आया कि कई वीडियो में एरांडे के परिचित महिलाएं शामिल थीं। इसके बाद पुलिस ने जब उनके ऑफिस के कंप्यूटर की जांच की, तो पाया कि ये वीडियो अलग-अलग महिलाओं के नाम से फोल्डर बनाकर व्यवस्थित तरीके से सेव किए गए थे। इससे यह संकेत मिला कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित गुप्त वीडियो कांड था।
महिलाओं को फंसाने और शोषण के आरोप
पुलिस के अनुसार, एरांडे ने अपने पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर महिलाओं को झांसे में लिया। वह उन्हें छोटे व्यवसाय शुरू कराने या उनके बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देते थे। इसके बाद वह कथित तौर पर उनका यौन शोषण करते और बिना जानकारी के उनके निजी पलों को रिकॉर्ड कर लेते थे।
अब तक इस मामले में कम से कम आठ महिलाओं की पहचान हो चुकी है। पुलिस उनके बयान दर्ज कर रही है और आशंका जताई जा रही है कि पीड़ितों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। एक महिला ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि आरोपी ने कई बार होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, बदले में सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा वादा किया।
कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी
महिला की शिकायत के आधार पर एरांडे को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत यौन शोषण का मामला दर्ज किया गया है, साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
यह मामला पूरी तरह पलट गया है—जहां एरांडे पहले ब्लैकमेलिंग केस में शिकायतकर्ता थे, वहीं अब वे खुद एक गंभीर अपराध के मुख्य आरोपी बन गए हैं। जिन चार लोगों पर उन्होंने आरोप लगाए थे, वे अब इस गुप्त वीडियो कांड की जांच में अहम गवाह बन गए हैं।
पुलिस की अपील और जांच जारी
पुलिस ने अन्य संभावित पीड़ित महिलाओं से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सभी पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पूरा सहयोग दिया जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच डिजिटल साक्ष्यों और पीड़ितों के बयानों के आधार पर जारी है। उन्होंने कहा कि इस गुप्त वीडियो कांड का दायरा शुरुआती अनुमान से कहीं अधिक बड़ा हो सकता है।






