वायरल वीडियो: कानपुर HDFC बैंक की महिला कर्मी ने जातिगत टिप्पणी विवाद पर नया वीडियो जारी कर रखा अपना पक्ष, जानिए पूरी सच्चाई।
वायरल वीडियो : कानपुर के पनकी स्थित बैंक में इस्तीफे की प्रक्रिया को लेकर हुआ था विवाद, ग्राहक से नहीं जुड़ा मामला
By Qalam Times News Network
कानपुर | 10 फरवरी 2026
वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में आई कानपुर के पनकी स्थित एचडीएफसी बैंक की महिला कर्मचारी ने अब सामने आकर पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखी है। सामने आए नए वीडियो में महिला बैंककर्मी ने न केवल घटना का क्रम बताया, बल्कि यह भी साफ किया कि वह अपने पहले दिए गए बयान पर कायम हैं और खुद को ठाकुर बताने पर उन्हें गर्व है।

यह वायरल वीडियो कुछ दिन पहले इंटरनेट मीडिया पर तेजी से फैल गया था, जिसमें महिला कर्मचारी बैंक परिसर के भीतर गालीगलौज करते हुए और जातिगत टिप्पणी करते हुए नजर आई थीं। वीडियो में वह ऊंची आवाज़ में अपशब्दों का प्रयोग कर रही थीं और खुद को एक विशेष जाति से जोड़ते हुए दबदबा बनाने की कोशिश करती दिख रही थीं। शुरुआत में इस घटना को ग्राहक से जुड़ा विवाद बताया गया, लेकिन अब जांच में इससे जुड़ी अलग ही सच्चाई सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, यह विवाद किसी ग्राहक से नहीं बल्कि बैंक की ही एक अन्य महिला कर्मचारी के इस्तीफे की प्रक्रिया को लेकर हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस महिला कर्मचारी का इस्तीफा प्रक्रियाधीन था, वह 6 जनवरी की सुबह अपनी ननद के साथ बैंक पहुंची थीं। इसी दौरान वॉशरूम से निकलते समय उनकी ननद का दूसरी महिला बैंककर्मी से कहासुनी हो गई, जो बाद में विवाद में बदल गई।
मामला यहीं नहीं रुका। शाम के समय इस्तीफा देने वाली महिला के पति भी बैंक पहुंचे, जिसके बाद दोबारा बहस शुरू हो गई। इसी दौरान गालीगलौज और तीखी नोकझोंक हुई, जिसका वीडियो बाद में काट-छांट कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
पनकी थाना प्रभारी मनोज भदौरिया के अनुसार, घटना 6 जनवरी की है, लेकिन वीडियो को करीब एक महीने बाद इस तरह प्रचारित किया गया जैसे वह किसी ग्राहक के साथ हुआ विवाद हो। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच केवल कहासुनी हुई थी और अब तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
इस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद अब संबंधित महिला बैंककर्मी का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वह अपने बयान पर कायम हैं और उन्हें अपनी पहचान पर गर्व है। हालांकि, इस बयान के बाद एक बार फिर यह मामला सामाजिक और प्रशासनिक बहस का विषय बन गया है।






