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Homeबंगालकांग्रेस शहीद दिवस: मंच पर दिखी अंदरूनी खींचतान, अधीर के सामने लगे...

कांग्रेस शहीद दिवस: मंच पर दिखी अंदरूनी खींचतान, अधीर के सामने लगे ‘शुभंकर सरकार जिंदाबाद’ के नारे

कांग्रेस शहीद दिवस कार्यक्रम में अधीर रंजन चौधरी की मौजूदगी के बीच शुभंकर सरकार के समर्थन में नारे लगे। कांग्रेस ने ब्रिगेड रैली का ऐलान किया और ममता बनर्जी व भाजपा पर तीखे हमले किए।

Qalam Times News Network

कोलकाता | 21 जुलाई 2026

शहीद स्मरण कार्यक्रम में कांग्रेस ने ब्रिगेड रैली का किया ऐलान, ममता और भाजपा पर साधा निशाना

कांग्रेस शहीद दिवस के अवसर पर कोलकाता में आयोजित शहीद स्मरण कार्यक्रम के दौरान पार्टी की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। वर्षों बाद खुले मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे, लेकिन मंच पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के पहुंचते ही कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के समर्थन में शुभंकर सरकार जिंदाबाद” के नारे लगाने शुरू कर दिए।

कांग्रेस

हालांकि कांग्रेस शहीद दिवस के इस कार्यक्रम में अधीर रंजन चौधरी ने स्थिति को सहजता से संभालते हुए शुभंकर सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक बाधाओं और पुलिस की रोक-टोक के बावजूद शहीद मीनार पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं का जुटना कांग्रेस के लिए बड़ी सफलता है। उन्होंने इसे केवल “ट्रेलर” बताते हुए दावा किया कि आने वाले लोकसभा चुनाव में राजनीतिक बदलाव की तस्वीर और स्पष्ट दिखाई देगी।

अधीर रंजन चौधरी और शुभंकर सरकार के बीच वैचारिक तथा राजनीतिक मतभेद लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। अधीर रंजन हमेशा ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के प्रखर आलोचक रहे हैं, जबकि शुभंकर सरकार को तृणमूल के प्रति अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाने वाला नेता माना जाता है। वाम दलों के साथ राजनीतिक समझौते को लेकर भी दोनों नेताओं की सोच अलग-अलग रही है। शुभंकर सरकार के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद इन मतभेदों की चर्चा और तेज हो गई।

सभा को संबोधित करते हुए शुभंकर सरकार ने दावा किया कि शहीद मीनार पहुंचने के दौरान 11 कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए, जिन्हें आर.जी. कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने अगले वर्ष के आंदोलन और राजनीतिक कार्यक्रमों की भी घोषणा की। उनके अनुसार, 9 अगस्त से 14 अगस्त तक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की कथित “विश्वासघात की राजनीति” के विरोध में लगातार जनसभाएं आयोजित की जाएंगी, जबकि 15 अगस्त की मध्यरात्रि में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।

इसी मंच से शुभंकर सरकार ने कांग्रेस की अगली बड़ी राजनीतिक रणनीति का भी खुलासा किया। उन्होंने घोषणा की कि 15 जनवरी से 15 फरवरी के बीच कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में कांग्रेस की विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल होंगे।

कांग्रेस

कार्यक्रम में राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के नेता उदय भानु ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं को भाजपा नियंत्रित कर रही है और वे भाजपा की “बी टीम” के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा से डरने वाली नहीं है और लोकतांत्रिक संघर्ष सड़क से लेकर जनता के बीच जारी रहेगा।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि वास्तविक शहीद दिवस वही है जिसमें लोकतंत्र और शहीदों के सम्मान की बात हो। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में यह दिवस केवल राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का माध्यम बनकर रह गया था।

21 जुलाई के इस आयोजन ने यह संकेत दिया कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल में अपने संगठन को फिर से सक्रिय करने की कोशिश में जुटी है। हालांकि मंच पर लगे नारों ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेद पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं। इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व इस जनसभा को संगठन के मनोबल में वृद्धि और आगामी राजनीतिक अभियानों की शुरुआत के रूप में देख रहा है।

 

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