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Homeबंगालबारुईपुर केस: 'पुलिस की निगरानी में रखा गया', ममता बनर्जी ने लगाया...

बारुईपुर केस: ‘पुलिस की निगरानी में रखा गया’, ममता बनर्जी ने लगाया पुलिस और भाजपा के गठजोड़ का गंभीर आरोप

बारुईपुर मामले पर टीएमसी की रैली में हुई झड़प के बाद ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को पुलिस की निगरानी में रखा गया और पुलिस भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रही है।

कलम टाइम्स न्यूज नेटवर्क
कोलकाता , दिनांक: 8 जुलाई, 2026 

ममता बनर्जी ने पुलिस-भाजपा गठजोड़ पर साधा निशाना, रैली में हुई झड़प के बाद फूटा गुस्सा

कोलकाता के बारुईपुर में नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले ने अब भारी राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस वीभत्स घटना के विरोध में तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा आयोजित की गई एक विरोध रैली के दौरान जबरदस्त झड़प देखने को मिली। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता बनर्जी ने दावा किया कि पूरी रैली के दौरान तृणमूल कार्यकर्ताओं को निगरानी में रखा गया और पुलिस निष्पक्ष भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल रही।

बारुईपुर

पूर्व मुख्यमंत्री ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि माननीय उच्च न्यायालय से स्पष्ट अनुमति मिलने के बावजूद, शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ रही टीएमसी की रैली पर भाजपा समर्थकों द्वारा सुनियोजित तरीके से हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हमले में कई तृणमूल कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिसके बाद उन्हें खुद मंच से बाहर आकर अपने घायल कार्यकर्ताओं की मदद के लिए आगे आना पड़ा। ममता बनर्जी का सीधा आरोप है कि विपक्षी दल के इशारे पर ही सत्तारूढ़ और विपक्षी कार्यकर्ताओं को पुलिस की कड़ी निगरानी में रखकर निशाना बनाया गया, ताकि लोकतांत्रिक आवाज को दबाया जा सके।

“थाना प्रभारी लीक कर रहे हैं टीएमसी के कार्यक्रमों की गुप्त जानकारी”

पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सीधा प्रहार करते हुए ममता बनर्जी ने कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों (IC) के आचरण को पूरी तरह पक्षपातपूर्ण बताया। उन्होंने चौंकाने वाला दावा किया कि पुलिस महकमे का एक खास वर्ग तृणमूल कांग्रेस के सभी राजनीतिक कार्यक्रमों और उनकी रणनीतियों की पल-पल की जानकारी भाजपा कार्यकर्ताओं तक पहुंचा रहा है।

बारुईपुर

ममता बनर्जी ने अन्य गंभीर आरोप भी लगाए:

  • लाउडस्पीकर और हैंड माइक की जब्ती: अदालत ने रैली में हैंड माइक का उपयोग करने की लिखित मंजूरी दी थी, लेकिन पुलिस ने जानबूझकर उसे भी जब्त कर लिया।

  • जानबूझकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास: रैली के तय रूट पर भाजपा समर्थकों द्वारा जानबूझकर बेहद तेज आवाज में संगीत और डीजे बजाया गया, ताकि तनाव पैदा हो और रैली में व्यवधान डाला जा सके।

राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर जताई गहरी चिंता

रैली में हुई हिंसा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून-व्यवस्था की चरमराती स्थिति पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने वर्तमान सरकार और प्रशासन से अपील की कि वे नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करें और राज्य में शांति व्यवस्था को बहाल करने के लिए सख्त कदम उठाएं।

इस बीच, ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए इन तीखे और संगीन आरोपों पर न तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से और न ही पुलिस प्रशासन की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने आया है।

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