युद्ध संकट के बीच ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमान गिराए, एक पायलट लापता, मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर
मिडिल ईस्ट में युद्ध संकट बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना को बड़ा झटका, एक पायलट लापता, बचाव अभियान जारी
कलम टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
वॉशिंगटन / तेहरान, 4 अप्रैल
युद्ध संकट ने पश्चिम एशिया की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष में एक ही दिन अमेरिकी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा। तेहरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। इनमें से एक विमान के पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दूसरा अब भी लापता है और उसकी तलाश जारी है। इसी दौरान बचाव अभियान में लगे अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलिकॉप्टरों पर भी हमला हुआ, जिससे वे क्षतिग्रस्त हो गए।

करीब एक महीने से जारी इस युद्ध संकट में यह पहली बार है जब अमेरिका ने अपने विमान के नुकसान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है। पहले भी ईरान कई बार अमेरिकी विमानों को गिराने का दावा करता रहा, लेकिन वॉशिंगटन हर बार इनकार करता था। बताया जा रहा है कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड की एयरोस्पेस यूनिट ने एक एफ-15ई लड़ाकू विमान को निशाना बनाया। वहीं एक अन्य ए-10 अटैक एयरक्राफ्ट के गिरने की खबर भी सामने आई है, हालांकि उसके गिरने की वजह को लेकर अभी पूरी स्पष्टता नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक इंटरव्यू में इस घटना को युद्ध का हिस्सा बताते हुए कहा कि इससे ईरान के साथ चल रही बातचीत प्रभावित नहीं होगी। दूसरी तरफ, ईरान ने लापता पायलट को पकड़कर सौंपने वालों के लिए इनाम की घोषणा कर दी है, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।

इस बीच, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में कई अहम ठिकानों को भी निशाना बनाया है। कुवैत की एक बड़ी तेल रिफाइनरी और पानी शुद्धिकरण संयंत्र को नुकसान पहुंचा है। वहीं सऊदी अरब, बहरीन और इज़राइल में भी हमलों की खबरें आई हैं। इन घटनाओं के बाद वैश्विक बाजार में हलचल तेज हो गई है और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना अमेरिका पर दबाव बढ़ाने की एक बड़ी रणनीतिक चाल हो सकती है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करना शुरू कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और जटिल हो सकते हैं।






