कामयाबी: UPSC सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में मुस्लिम अभ्यर्थियों की उल्लेखनीय सफलता, बिहार के छात्रों का दबदबा और देशभर के प्रतिभाशाली उम्मीदवारों की प्रेरक कहानी।
क़लम टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली / कोलकाता, 6 मार्च 2026
कामयाबी: बिहार के छात्रों का भी दबदबा, टॉप-20 में पांच अभ्यर्थी; देशभर से मुस्लिम उम्मीदवारों ने भी दर्ज कराई उल्लेखनीय मौजूदगी
कामयाबी की यह कहानी इस वर्ष जारी हुए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में साफ दिखाई देती है। आयोग ने शुक्रवार को अंतिम परिणाम घोषित किया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभाशाली उम्मीदवारों ने अपनी मेहनत का लोहा मनवाया। इस सूची में मुस्लिम अभ्यर्थियों की उल्लेखनीय संख्या ने खास तौर पर ध्यान खींचा है, जिन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
इस वर्ष की परीक्षा में बिहार के उम्मीदवारों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला ने ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही वैशाली के उज्ज्वल प्रियांक ने दसवीं रैंक, सारण के यशस्वी राजवर्धन ने ग्यारहवीं रैंक, औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव ने सोलहवीं रैंक तथा नवादा के रविराज ने बीसवीं रैंक प्राप्त की है।
UPSC में बिहार का दबदबा

टॉप-20 की सूची पर नजर डालें तो इसमें लगभग एक चौथाई स्थान बिहार के प्रतिभाशाली छात्रों ने हासिल किए हैं। पिछले वर्ष जहां राज्य का कोई भी उम्मीदवार टॉप-10 में जगह नहीं बना सका था, वहीं इस बार परिणाम ने पूरी तस्वीर बदल दी है।

पटना जिले के पंडारक निवासी इशित्व आनंद ने 50वीं रैंक प्राप्त की है, जबकि पटना के ही कुथौल गांव के आकाश कुमार ने 101वीं रैंक हासिल की। इसके अलावा नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अभय कुमार सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह चौहान ने 102वीं रैंक प्राप्त कर परिवार और राज्य दोनों का गौरव बढ़ाया है।
मुस्लिम अभ्यर्थियों की कामयाबी

इस बार के परिणामों में मुस्लिम उम्मीदवारों की कामयाबी विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है। देशभर से कुल 50 से अधिक मुस्लिम अभ्यर्थियों ने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है।
इनमें ए.आर. राजा मोहिद्दीन ने सातवीं रैंक प्राप्त कर शीर्ष सूची में अपनी जगह बनाई। इसके अलावा इफरा शम्स अंसारी (24वीं रैंक), नबिया परवेज (29वीं रैंक), हसन खान (95वीं रैंक), अर्फा उस्मानी (124वीं रैंक) और साइमा सिराज अहमद (135वीं रैंक) जैसे कई उम्मीदवारों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इसी क्रम में वसीम उर रहमान, सोफिया सिद्दीकी, तौसीफ अहमद गनाई, मंताशा, असद अकील, मोहम्मद इश्तेयाक रहमान, मोहम्मद अशमिल शाह और जसीला जन्नत सहित अनेक प्रतिभाओं ने भी सूची में स्थान बनाया।
लंबी सूची में नई उम्मीद
चयनित मुस्लिम उम्मीदवारों की सूची काफी विस्तृत है। इसमें शाहिदा बेगम, शादाब अली खान, मोहम्मद स्वलाह, शोएब, शेख मोहम्मद हबीसुद्दीन, मिन्हाज शकील, गुलफिजा, हाशमी मोहम्मद उमर, शाहरुख खान, असना अनवर, मुनीब अफजल पर्रा और अजीम अहमद जैसे नाम शामिल हैं।
इसके अलावा सायस्ता परवीन, नूर आलम, मोहम्मद इरफान कायमखानी, मोहसिना बानो, गुलाम माया दीन, दानिश रब्बानी खान, मोहम्मद नयाब अंजुम, मोहम्मद अबुजर अंसारी, इंसा खान और अब्दुल सुफियान जैसे उम्मीदवारों ने भी सफलता हासिल की है।
सूची में आगे फैरूज़ फातिमा, मोहम्मद हाशिम, मोहम्मद सुहैल, थौसिफ उल्ला खान, शियाद, कोह-ए-सफा, सना आज़मी, यासर अहमद भट्टी, गुलाम हैदर, मोहम्मद शेज़िन, मोहम्मद अजाज़-उल-रहमान, अज़हर आसिफ खान, अब्दुल्ला अफरीध, मोहम्मद शाहिद रज़ा खान और इरफान अहमद लोन जैसे नाम भी शामिल हैं।
इस वर्ष का परिणाम यह दिखाता है कि कठिन प्रतिस्पर्धा के बावजूद देश के अलग-अलग इलाकों से आने वाले युवाओं ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। खास तौर पर मुस्लिम अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि नई पीढ़ी प्रशासनिक सेवाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आगे बढ़ रही है।






