UPI सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 1 अप्रैल से बायोमेट्रिक और डायनैमिक OTP अनिवार्य होंगे। नए नियम ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किए जा रहे हैं।
By Qalam Times News Network
कोलकाता | 15 जनवरी 2026
UPI सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी पर लगाम लगाने के लिए यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) सिस्टम में 1 अप्रैल से अतिरिक्त सुरक्षा परतें जोड़ी जा रही हैं। नए नियमों के तहत अब केवल पिन डालना काफी नहीं होगा, बल्कि हर लेनदेन में बायोमेट्रिक सत्यापन और डायनैमिक ओटीपी अनिवार्य किया जाएगा।
UPI सुरक्षा :ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए 1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम
बीते कुछ समय से “गैस सब्सिडी आपके खाते में नहीं आई, UPI में भेजी जा रही है—पिन डालते ही पैसा क्रेडिट हो जाएगा” जैसे झांसे देकर ठग लोगों के खाते खाली कर रहे हैं। UPI सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर भुगतान में दो-स्तरीय प्रमाणीकरण पूरा हो।
भारतीय रिज़र्व बैंक (भारतीय रिज़र्व बैंक) ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि अगले वित्त वर्ष से UPI ट्रांजैक्शन में सुरक्षा मानक बदले जाएंगे। इसके तहत भुगतान करते समय उपयोगकर्ता को पहले बायोमेट्रिक पहचान देनी होगी—या तो फिंगरप्रिंट के ज़रिए या फिर चेहरे की पहचान से। इसके बाद ही मोबाइल पर छह अंकों का यूनिक डायनैमिक ओटीपी भेजा जाएगा, जिसे 30 सेकंड के भीतर डालना अनिवार्य होगा। समय सीमा पार होते ही लेनदेन स्वतः रद्द हो जाएगा।
हाल के महीनों में साइबर विशेषज्ञों ने चेताया है कि ठग अब मोबाइल में एपीके फाइल या मैलवेयर डालकर ओटीपी तक चुरा रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के बीच हुई उच्च-स्तरीय बैठक में बायोमेट्रिक-आधारित सुरक्षा को मंजूरी दी गई।
अंतरराष्ट्रीय UPI लेनदेन के लिए नियम और भी कड़े किए जा रहे हैं। क्रेडिट या डेबिट कार्ड के बिना होने वाले विदेशी ट्रांजैक्शन में अब उपयोगकर्ता की लोकेशन स्कैन की जाएगी। यदि लेनदेन भारत से बाहर के संदिग्ध क्षेत्रों—जैसे थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, केन्या या नाइजीरिया—से जुड़ा पाया गया, तो अतिरिक्त पुष्टि मांगी जाएगी। उपयोगकर्ता को नोटिफिकेशन के जरिए सहमति देनी होगी, कैप्चा भरना होगा और अंत में बायोमेट्रिक व ओटीपी से सत्यापन करना होगा।
नई व्यवस्था का मकसद साफ है—UPI को ठगों के लिए नहीं, आम लोगों के लिए सुरक्षित बनाना। आने वाले समय में डिजिटल भुगतान आसान जरूर रहेगा, लेकिन बिना पुख्ता पहचान के अब एक रुपया भी नहीं हिलेगा।






