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चौंकाने वाला फैसला: राज्यसभा चुनाव में तृणमूल की नई सियासी चाल

चौंकाने वाला फैसला: राज्यसभा चुनाव में तृणमूल ने राजीव कुमार, कोयल मल्लिक, बाबुल सुप्रियो और मेनका गुरुस्वामी को उम्मीदवार बनाकर नई सियासी रणनीति पेश की।

Qalam Times News Network
कोलकाता | 27 फरवरी 2026

चौंकाने वाला फैसला: राज्यसभा के लिए चार नामों की घोषणा

चौंकाने वाला फैसला

चौंकाने वाला कदम उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार शाम राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में चार नामों का ऐलान किया गया, जिनमें पूर्व पुलिस महानिदेशक Rajeev Kumar, अभिनेत्री Koel Mallick, सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता Menaka Guruswamy और राज्य के मंत्री Babul Supriyo शामिल हैं।

घोषणा के साथ ही राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। आगामी 16 मार्च को मतदान होना है, जो सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना भी पूरी कर ली जाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 मार्च तय की गई है।

37 सीटों पर चुनाव, बंगाल की 5 सीटें अहम

देश के 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। इनमें पश्चिम बंगाल की पांच सीटें शामिल हैं। विधानसभा में संख्याबल के आधार पर चार सीटों पर तृणमूल की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि एक सीट पर भाजपा की बढ़त संभावित है।

इस बार उम्मीदवारों की सूची में चौंकाने वाला तत्व पूर्व डीजीपी Rajeev Kumar का नाम रहा। हाल ही में उन्होंने केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता Sukanta Majumdar के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। राजनीतिक हलकों में इसे केवल कानूनी कदम नहीं, बल्कि सियासी संकेत के तौर पर भी देखा गया। अब जब राजीव कुमार संसद के उच्च सदन की ओर बढ़ रहे हैं, तो यह मुकाबला राजनीतिक रूप से और दिलचस्प माना जा रहा है।

बाबुल को राज्यसभा, सियासी संतुलन भी कायम

राज्य के मंत्री Babul Supriyo को भी राज्यसभा भेजने का फैसला पार्टी की रणनीतिक सोच को दर्शाता है। माना जा रहा था कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में बालीगंज से उम्मीदवार हो सकते हैं, लेकिन अब स्पष्ट हो गया है कि पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में बनाए रखने का रास्ता चुना है।

सूत्रों के अनुसार, उन्हें पहले आसनसोल दक्षिण सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव मिला था, मगर वे आने वाले समय में अपने संगीत करियर पर भी ध्यान देना चाहते थे। राज्यसभा का रास्ता उनके राजनीतिक कद और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं—दोनों के बीच संतुलन बनाता है।

फिल्म जगत से कोयल की एंट्री

अभिनेत्री Koel Mallick का नाम भी सूची में शामिल है। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee का फिल्म जगत से करीबी रिश्ता रहा है। इससे पहले भी कई कलाकारों को पार्टी ने सांसद और विधायक बनाया है। हाल के लोकसभा चुनाव में जून मालिया और सायनी घोष जैसे नामों की जीत इसी रणनीति का हिस्सा मानी गई थी।

कोयल के पिता Ranjit Mallick बंगाली सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता रहे हैं, और उनके परिवार का राज्य की राजनीति से भी सौहार्दपूर्ण संबंध रहा है। ऐसे में कोयल की उम्मीदवारी को सांस्कृतिक और राजनीतिक समीकरणों के मेल के रूप में देखा जा रहा है।

मेनका गुरुस्वामी: संवैधानिक अधिकारों की आवाज

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता Menaka Guruswamy का नाम भी सूची में है। वे 2016 में समलैंगिक समुदाय के अधिकारों के समर्थन में दायर ऐतिहासिक याचिका से जुड़ी रही हैं। इसके अलावा, वे विभिन्न संवैधानिक मामलों में राज्य सरकार का पक्ष भी रख चुकी हैं।

उनके पिता मोहन गुरुस्वामी पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री Yashwant Sinha के सलाहकार रह चुके हैं। राजनीतिक और कानूनी पृष्ठभूमि के इस संगम को तृणमूल की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

पुराने चेहरों की विदाई

इन चार सीटों पर पहले Subrata Bakshi, Mausam Benazir Noor, Ritabrata Banerjee और Saket Gokhale राज्यसभा सदस्य थे। बताया जा रहा है कि उम्र और स्वास्थ्य कारणों से बक्शी ने स्वयं दोबारा न जाने की इच्छा जताई थी। मौसुम पहले ही कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं। ऋतब्रत को विधानसभा चुनाव में उतारने की चर्चा है, जबकि साकेत का नाम इस बार सूची में शामिल नहीं है।

राज्यसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस की यह सूची कई स्तरों पर संदेश देती है—प्रशासनिक अनुभव, सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व, कानूनी विशेषज्ञता और राजनीतिक संतुलन। 16 मार्च का दिन तय करेगा कि यह रणनीति कितनी सफल होती है, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि इस घोषणा ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

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