रेल टिकट कैंसिलेशन नियम 2026 के तहत 8 घंटे के भीतर टिकट रद्द करने पर नहीं मिलेगा रिफंड, जानें नए रेलवे नियम।
Qalam Times News Network
नई दिल्ली | 25 मार्च 2026
रेल टिकट कैंसिलेशन नियम 2026 के तहत भारतीय रेलवे ने टिकट रद्द करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब यात्रियों को इस बात का खास ध्यान रखना होगा कि वे किस समय टिकट कैंसिल करते हैं, क्योंकि उसी के आधार पर रिफंड तय होगा। नए नियमों के अनुसार, अगर ट्रेन छूटने से काफी पहले टिकट रद्द किया जाता है तो राहत मिलेगी, लेकिन जैसे-जैसे प्रस्थान का समय करीब आएगा, कटौती बढ़ती जाएगी।

इन रेल टिकट कैंसिलेशन नियम 2026 के मुताबिक, यदि यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करता है तो केवल न्यूनतम शुल्क काटा जाएगा और बाकी राशि वापस मिल जाएगी। वहीं, 72 घंटे से 24 घंटे के बीच टिकट रद्द करने पर लगभग 25% किराया काट लिया जाएगा। इस दौरान भी न्यूनतम चार्ज लागू रहेगा, जिससे रिफंड की राशि और कम हो सकती है।
अगर कोई यात्री 24 से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करता है, तो स्थिति और सख्त हो जाती है। रेल टिकट कैंसिलेशन नियम 2026 के अनुसार, इस समयावधि में टिकट रद्द करने पर करीब 50% तक किराया काट लिया जाएगा और शेष राशि ही वापस मिलेगी। वहीं, यदि ट्रेन छूटने में 8 घंटे से कम समय बचा हो या ट्रेन निकल चुकी हो, तो यात्री को किसी भी प्रकार का रिफंड नहीं मिलेगा।
रेलवे के ये संशोधित नियम 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। पहले जहां 4 घंटे के भीतर टिकट कैंसिल करने पर रिफंड नहीं मिलता था, अब इस सीमा को बढ़ाकर 8 घंटे कर दिया गया है। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में TDR (टिकट डिपॉजिट रसीद) के जरिए अलग प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।






