मिनाखां हिंसा में तृणमूल कांग्रेस और आईएसएफ कार्यकर्ताओं के बीच झंडा लगाने को लेकर टकराव, 10 लोग घायल। चुनाव से पहले उत्तर 24 परगना में तनाव, पुलिस और रैफ तैनात।
विधानसभा चुनाव से पहले मिनाखां में राजनीतिक तनाव, 10 कार्यकर्ता घायल, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
Qalam Times News Network
बारासात | 23 फरवरी 2026
मिनाखां हिंसा ने रविवार सुबह उत्तर 24 परगना जिले के इलाके को रणक्षेत्र में बदल दिया। झंडा लगाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई। दोनों पक्षों के करीब 10 कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत मिनाखां ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव पसरा हुआ है।
बताया जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए आईएसएफ के कार्यकर्ता बाबूरहाट इलाके में झंडा लगा रहे थे। इसी दौरान तृणमूल समर्थकों ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते बहस ने उग्र रूप ले लिया और मिनाखां हिंसा की स्थिति बन गई। आरोप है कि पहले धक्का-मुक्की हुई और फिर दोनों ओर से लाठी, बांस और लोहे की रॉड का इस्तेमाल किया गया। जवाबी कार्रवाई में दोनों दलों के लोग आमने-सामने आ गए।
घटना के बाद दोनों पक्षों ने मिनाखां थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल और रैफ की तैनाती की गई है ताकि हालात काबू में रहें।
तृणमूल कांग्रेस के बशीरहाट संगठनात्मक जिला अध्यक्ष बुरहानुल मुकद्दिम लिटन ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि आईएसएफ अपने अंदरूनी विवाद को छिपाने के लिए तृणमूल पर दोष मढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी के झंडे को हटाने की जरूरत महसूस नहीं करती।
वहीं आईएसएफ नेता पियारुल इस्लाम ने पलटवार करते हुए दावा किया कि तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से हमला किया। उनके मुताबिक, सुबह शांतिपूर्ण तरीके से झंडा लगाया जा रहा था, तभी विरोधी पक्ष के लोग लाठी-डंडे लेकर आ पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन चुनाव से पहले इस तरह की घटनाओं ने इलाके में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।






