धरना के दूसरे दिन कोलकाता में ममता बनर्जी ने मतदाता सूची विवाद और बंगाल को बांटने की कथित साजिश पर केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा, साथ ही नई सरकारी योजनाओं को तुरंत लागू करने की घोषणा की।
कोलकाता के धर्मतल्ला में दूसरे दिन भी मुख्यमंत्री का धरना प्रदर्शन, मतदाता सूची से नाम हटाने और राज्य को विभाजित करने की कथित योजना पर केंद्र व भाजपा पर साधा निशाना
क़लम टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता, 7 मार्च 2026

धरना के दूसरे दिन भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी कोलकाता के धर्मतल्ला स्थित मेट्रो चैनल पर विरोध प्रदर्शन में डटी रहीं। विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने के विरोध में शुरू हुआ यह प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। ममता बनर्जी ने मंच से आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने के पीछे राजनीतिक साजिश है और इसका मकसद बंगाल की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित करना है।
उन्होंने चुनाव आयोग, भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एसआईआर के बाद तैयार की गई सूची में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। धरना मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल चुनावी प्रक्रिया का मामला नहीं है, बल्कि बंगाल को कमजोर करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा हो सकता है।
“बंगाल को बांटने की साजिश सफल नहीं होने देंगे”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इंटरनेट मीडिया पर उन्हें एक ऐसी पोस्ट दिखाई दी, जिसमें कथित तौर पर यह कहा गया था कि दिल्ली के कुछ अधिकारी बंगाल और बिहार के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया केंद्रशासित प्रदेश बनाने की योजना बना रहे हैं। इस संदर्भ में ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल को किसी भी हाल में विभाजित नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने केंद्र सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि किसी ने बंगाल को छूने की कोशिश की तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। ममता ने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार की राजनीति का उद्देश्य राज्य को विभाजित करना है। उन्होंने इसे इतिहास के “बंगभंग” की याद दिलाने वाली साजिश बताया।
ममता ने यह भी कहा कि बिहार को विभाजित कर झारखंड बनाया गया था और अब बंगाल को लेकर भी इसी तरह की चर्चाएं हो रही हैं। उनके अनुसार, जहां-जहां “डबल इंजन” की सरकारें हैं, वहां भ्रष्टाचार और लूट की स्थिति है।
राज्यपाल पद में बदलाव के बाद तेज हुई राजनीतिक हलचल
ममता बनर्जी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुई हैं। गुरुवार शाम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के अचानक इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने पूर्व आईबी प्रमुख और तमिलनाडु के तत्कालीन राज्यपाल आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया। उसी दिन केंद्र ने सेना के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया। इन नियुक्तियों के बाद से ही राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
धरना मंच पर ही बिताई रात, नेताओं और कार्यकर्ताओं का समर्थन
ममता बनर्जी ने शुक्रवार दोपहर धर्मतल्ला के मेट्रो चैनल पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था और उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ वहीं मंच पर रात भी बिताई। धरना स्थल पर तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और मंत्री मौजूद रहे। इसके अलावा कोलकाता और आसपास के जिलों से आए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी इस विरोध में शामिल हुए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रदर्शन कब तक जारी रहेगा।
‘बांग्लार युवा साथी’ और खेत मजदूर योजना आज से लागू
धरना मंच से मुख्यमंत्री ने राज्य के हालिया बजट में घोषित दो योजनाओं को तुरंत लागू करने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि “बांग्लार युवा साथी” योजना और भूमिहीन खेत मजदूरों के लिए शुरू की गई सहायता योजना को पहले अप्रैल से लागू किया जाना था, लेकिन अब इसे तत्काल प्रभाव से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य को बदनाम करने की कोशिश कर रही है, जबकि बंगाल कई सामाजिक और कल्याणकारी योजनाओं के मामले में देश में अग्रणी है।






