कलकत्ता हाईकोर्ट में हंगामा के चलते आइ-पैक और ईडी से जुड़े मामलों की सुनवाई टली। भारी भीड़, अव्यवस्था और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।
क़लम टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता | शुक्रवार, 9 जनवरी 2025
हंगामा :भारी भीड़, धक्का-मुक्की और अव्यवस्था के चलते जस्टिस शुभ्रा घोष ने एजलास छोड़ा, अगली तारीख 14 जनवरी
हंगामा शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में उस समय देखने को मिला, जब तृणमूल कांग्रेस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जुड़े दो अहम मामलों की सुनवाई शुरू भी नहीं हो सकी। आइ-पैक से जुड़े छापों को लेकर दायर याचिकाओं पर जस्टिस शुभ्रा घोष की बेंच में दोपहर करीब ढाई बजे सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत कक्ष में वकीलों और इंटर्न्स की अत्यधिक भीड़ के कारण स्थिति बेकाबू हो गई। हालात ऐसे बन गए कि न्यायाधीश को सुनवाई स्थगित कर एजलास से बाहर जाना पड़ा। अब दोनों मामलों की अगली सुनवाई 14 जनवरी को तय की गई है।
सुनवाई से पहले ही अदालत परिसर में हंगामा बढ़ने लगा था। जस्टिस घोष ने साफ निर्देश दिए कि जिन वकीलों और इंटर्न्स का इस केस से कोई सीधा संबंध नहीं है, वे पांच मिनट के भीतर बाहर चले जाएं। इसके बावजूद बाहर जाने को लेकर बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई। अव्यवस्था से नाराज़ होकर जज ने कार्यवाही आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। इस दौरान राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य भी अदालत में मौजूद थीं।
मामला दरअसल गुरुवार को साल्टलेक स्थित आइ-पैक कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर ईडी की छापेमारी से जुड़ा है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे चुनाव से पहले राजनीतिक साजिश बताते हुए हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। वहीं, ईडी ने अलग याचिका में आरोप लगाया है कि छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मौके पर पहुंचकर जांच में बाधा डाली और कुछ दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक सामान वहां से हटवाया।
सुनवाई से पहले एक और सनसनीखेज दावा सामने आया। केंद्र के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल और ईडी के वकील धीराज त्रिवेदी ने अदालत को बताया कि उनका मोबाइल फोन कथित तौर पर हैक कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में वे दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय और केंद्र सरकार के संपर्क में हैं।

इधर, दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान कुछ सांसदों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया और कहा कि पार्टी के चुनावी डेटा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।

कोलकाता में भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की छापेमारी के विरोध में रैली का नेतृत्व किया। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई कर पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।






