पश्चिम बंगाल में अधूरी मतदाता सूची का पहला चरण जारी, दक्षिण कोलकाता से 3207 नाम अस्थायी रूप से बाहर, जानें पूरी प्रक्रिया और ताज़ा अपडेट।
पहले चरण की संशोधित सूची ज़िलाधिकारी कार्यालयों तक पहुँची, ऑनलाइन प्रकाशन की तैयारी
Qalam Times News Network
28 फरवरी 2026 | कोलकाता
जिलों में जारी हुई अधूरी मतदाता सूची
अधूरी मतदाता सूची के पहले चरण का प्रकाशन पश्चिम बंगाल में शुरू हो गया है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के तहत तैयार की गई यह सूची अलग-अलग ज़िलों में पहुँच चुकी है। हालांकि इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अंतिम सूची उपलब्ध नहीं थी, लेकिन ज़िलाधिकारी कार्यालयों में इसकी प्रतियाँ पहुँच गई हैं और जल्द ही इसे ऑनलाइन भी जारी किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, दक्षिण कोलकाता में प्रारूप सूची से फिलहाल 3207 नाम हटा दिए गए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय की ओर से शाम चार बजे पत्रकार वार्ता कर विस्तृत जानकारी देने की बात कही गई है।
ज़िलों में वितरण शुरू, राजनीतिक दलों को भी मिलेगी सूची
शनिवार को आयोग ने SIR के पहले चरण की अंतिम सूची जारी करने की प्रक्रिया शुरू की। पश्चिम बर्धमान, बांकुड़ा, कोचबिहार और हुगली समेत कई ज़िलों में अधूरी मतदाता सूची ज़िलाधिकारी कार्यालयों तक पहुँच चुकी है। कुछ स्थानों पर एसडीओ और बीडीओ कार्यालयों में सूची को सार्वजनिक रूप से चस्पा भी किया गया है।
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक तौर पर यह सूची बीडीओ और महकमा शासक कार्यालयों में प्रदर्शित की जा रही है। राजनीतिक दलों को भी संबंधित ज़िलाधिकारी कार्यालयों से प्रतियाँ सौंपी जाएँगी। कोलकाता की सूची जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त की जा सकेगी। फिलहाल हर बूथ पर सूची उपलब्ध नहीं होगी, लेकिन आयोग ने स्पष्ट किया है कि रविवार से बूथ स्तर पर भी मतदाता अपना नाम देख सकेंगे।
ऑनलाइन भी देख सकेंगे नाम, तीन श्रेणियों में स्थिति स्पष्ट
प्रकाशित सूची में मतदाता अपने नाम की स्थिति ऑनलाइन माध्यम से भी जाँच सकेंगे। आयोग के अनुसार, प्रारूप सूची में शामिल सभी नामों को जारी किया गया है, लेकिन हर नाम ‘योग्य मतदाता’ की श्रेणी में नहीं है।
जिन नामों का सत्यापन पूरा हो चुका है, उन्हें योग्य माना गया है। जिनका सत्यापन अभी लंबित है, उनके नाम के सामने ‘विचाराधीन’ अंकित किया गया है। वहीं, प्रारूप सूची के बाद प्राप्त आपत्तियों के आधार पर जिन नामों को हटाया गया है, उनके सामने ‘डिलीटेड’ लिखा गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रकाशन
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि 28 फरवरी तक जितनी प्रगति हो सके, उसके आधार पर सूची प्रकाशित की जाए। इसे पूर्ण और अंतिम सूची नहीं माना जाएगा। आगे भी चरणबद्ध तरीके से संशोधित सूची जारी की जाएगी।
SIR प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की विसंगतियों की निगरानी और समीक्षा का दायित्व कोलकाता हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त न्यायिक अधिकारियों को सौंपा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने पहले बताया था कि लगभग 60 लाख नाम फिलहाल ‘विचाराधीन’ श्रेणी में हैं।






