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मोहम्मद दीपक की गूंज: एफआईआर के साए में भी नहीं डगमगाया इंसानियत का साहस

मोहम्मद दीपक कोटद्वार घटना में इंसानियत की मिसाल बने। एफआईआर के बावजूद साहस कायम, राहुल गांधी ने की तारीफ।

मोहम्मद दीपक  : कोटद्वार की घटना ने देशभर में छेड़ी मानवता बनाम नफरत की बहस

 

क़लम टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
कोटद्वार, उत्तराखंड | 2 फरवरी 2026

मोहम्मद दीपक—यह नाम अब सिर्फ एक व्यक्ति की पहचान नहीं रहा, बल्कि उत्तराखंड के कोटद्वार से उठी इंसानियत की आवाज़ बन चुका है। एक बुज़ुर्ग मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में खड़े होने वाले जिम संचालक दीपक कुमार ने जब खुद को “मोहम्मद दीपक” बताया, तो वह पल देखते-देखते देशभर में चर्चा का विषय बन गया। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद दीपक का हौसला कमजोर नहीं पड़ा है।

कोटद्वार में बीते दिनों से चल रहा तनाव अब सिर्फ स्थानीय विवाद नहीं रहा। मोहम्मद दीपक के समर्थन और विरोध में बहस ने सामाजिक, राजनीतिक और संवैधानिक रंग ले लिया है। सोशल मीडिया पर दीपक के वीडियो लाखों बार देखे जा चुके हैं, वहीं विपक्षी दलों ने खुलकर उनके पक्ष में आवाज़ उठाई है।

विवाद की जड़: दुकान के नाम पर बवाल

मोहम्मद दीपक

मामले की शुरुआत तब हुई जब दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार की एक दुकान बाबा स्कूल ड्रेस” के नाम पर आपत्ति जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि “बाबा” शब्द से सिद्धबली बाबा मंदिर के श्रद्धालुओं को भ्रम हो सकता है, इसलिए मुस्लिम दुकानदार को दुकान का नाम बदलना चाहिए।

इसी दौरान जब भीड़ 70 वर्षीय दुकानदार वकील अहमद को धमकाने लगी, तो पास में जिम चलाने वाले दीपक कुमार मौके पर पहुंच गए। भीड़ से पहचान पूछे जाने पर दीपक ने कहा—“मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।”

वीडियो वायरल, बयान बना संदेश

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। बाद में दीपक कुमार ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने नाम के आगे “मोहम्मद” जोड़कर यह संदेश देना चाहा कि इंसान की पहचान धर्म से नहीं, इंसानियत से होती है।
उनका कहना था—“मैं पहले एक इंसान हूं। न हिंदू, न मुस्लिम—हम सब एक हैं।”

पुलिस कार्रवाई: तीन अलग-अलग एफआईआर

स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं:

  1. अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ – सड़क जाम, नारेबाजी और सांप्रदायिक तनाव फैलाने के आरोप में 30-40 लोगों पर केस।
  2. दुकानदार वकील अहमद की शिकायत पर – अभद्र भाषा और आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल का मामला।
  3. दीपक कुमार के खिलाफ – एक स्थानीय निवासी की शिकायत पर धमकी और अभद्र भाषा के आरोप।

राहुल गांधी ने बताया “भारत का हीरो”

घटना ने राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दीपक कुमार की तारीफ करते हुए उन्हें भारत का हीरो” बताया। उन्होंने लिखा कि दीपक संविधान और मानवता के पक्ष में खड़े हैं, जबकि नफरत फैलाने वालों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है।

वहीं, सत्तारूढ़ भाजपा ने अब तक बजरंग दल की भूमिका पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। यह सवाल लगातार उठ रहा है कि किसी संगठन को दुकान का नाम बदलवाने का अधिकार आखिर किसने दिया।

शांति के लिए फ्लैग मार्च, लेकिन धमकियां जारी

रविवार को पुलिस ने कोटद्वार में शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च निकाला। दीपक कुमार का कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा—“देश को नफरत नहीं, प्यार की जरूरत है। प्यार बांटना सबसे बड़ा साहस है।”

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