देहरादून नगर निगम ने पालतू कुत्तों को लेकर बनाए सख्त प्रावधान
नया नियम देहरादून में लागू: पालतू कुत्ते के काटने या भौंकने पर मालिक पर 2 हजार से 1 लाख तक जुर्माना। नगर निगम ने डॉग बाइट मामलों पर सख्त कदम उठाया।
क़लम टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
देहरादून | 16 दिसंबर 2025
देहरादून में नया नियम लागू, पालतू कुत्तों की लापरवाही पड़ेगी महंगी
नया नियम अब देहरादून शहर में पालतू कुत्तों को लेकर सख्ती से लागू कर दिया गया है। अगर किसी पालतू कुत्ते के कारण आम लोगों को परेशानी होती है, तो उसका सीधा जिम्मेदार उसका मालिक होगा। नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि कुत्ते के काटने, बेवजह भौंकने या लोगों को डराने जैसी शिकायतों पर अब सीधे आर्थिक दंड लगाया जाएगा, जिसकी राशि दो हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक हो सकती है।
नगर निगम के अनुसार, देहरादून के सौ वार्डों में लगभग 25 से 30 हजार पालतू कुत्ते घरों में पाले जा रहे हैं, जबकि शहर में 50 हजार से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण नहीं करवा रहे, जिससे आए दिन विवाद और शिकायतें सामने आ रही हैं।
नया नियम क्यों बनाना पड़ा ज़रूरी
हाल के महीनों में राजपुर क्षेत्र में एक वरिष्ठ महिला और एक ऑटो चालक पर रॉटवीलर के हमले की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त नमामी बंसल ने पशु चिकित्सा विभाग को उपविधि में कड़े प्रावधान जोड़ने के निर्देश दिए।
वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि अगर पहली बार किसी कुत्ते के लगातार भौंकने से पड़ोसियों को परेशानी होती है और शिकायत दर्ज होती है, तो उसके मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा रात के समय बेवजह शोर मचाने वाले कुत्तों के मामलों में भी कार्रवाई की जाएगी।
आवारा कुत्ते गोद लेने पर मिलेगी राहत
नगर निगम ने यह भी साफ किया है कि जो लोग आवारा कुत्तों को गोद लेते हैं, उन्हें पंजीकरण शुल्क (500 रुपये) से पूरी छूट दी जाएगी। इतना ही नहीं, ऐसे कुत्तों का वैक्सीनेशन भी निगम अपने स्तर पर मुफ्त करवाएगा। इसका उद्देश्य आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना और जिम्मेदार पालतू संस्कृति को बढ़ावा देना है।
डॉग बाइट मामलों पर बढ़ी चिंता
मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि डॉग बाइट के मामलों को लेकर पार्षदों और आम नागरिकों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। जागरूकता अभियानों और चेतावनियों के बावजूद लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे। ऐसे में अब नगर निगम के पास सख्ती के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।






